खातेगांव। देवास जिले के हरणगांव थाना क्षेत्र के ग्राम निवारदी में धड़ल्ले से चल रही है कच्ची शराब का व्यवसाय गांव में कई लोगों द्वारा कच्ची शराब उतार कर बेचने व पीने का काम किया जा रहा है। साथ ही किराना दुकान पर भी शराब धड़ल्ले से बेची जा रही है। गांव में शराब आसानी से मिलने के कारण गांव के बच्चे और युवा भी शराब के नशे के आदी हो गए हैं।
गांव के कई लोग पुलिस थाना हरणगांव पहुंचे और आवेदन प्रस्तुत कर शराब में लिप्त लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के साथ ही गांव में शराब पूर्ण रूप से बंद करवाने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि हमारा गांव पूर्णत: आदिवासी बहुल्य ग्राम है जिसमें करीब 350 परिवार के लोग निवास करते है। पिछले कुछ वर्षों से गावे के कई लोग अपने अपने घरों में कच्ची शराब उतार कर पीने और बेचने का काम कर रहे है। साथ ही एक किराना दुकान पर भी अंग्रेजी शराब धड़ल्ले से बेची जा रही है। गांव के 25 से 30 घरों में कच्ची शराब बनाई जा रही है। यही वजह है कि गांव के बच्चे और युवा भी शराब के आदी हो गए हैं। यदि शीघ्र ही गांव में शराब पर अंकुश नहीं लगाया गया तो गांव की स्थिति और भी खराब हो जाएगी।

