मॉस्को। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने एक बार फिर से जेलेंस्की के यूक्रेन के राष्ट्रपति पद पर होने को लेकर सवाल उठाया है। उन्होंने साफ कहा कि मुझे तो संदेह होता है कि वो राष्ट्रपति हैं भी या नहीं। हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि राष्ट्रपति पुतिन शांति के लिए यूक्रेनी राष्ट्रपति से मिलने के लिए तैयार हैं, लेकिन हमें जेलेंस्की के यूक्रेन के राष्ट्रपति पर होने की वैधता को लेकर संदेह है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है, जब रूसी पक्ष की तरफ से यूक्रेनी राष्ट्रपति के पद पर जेलेंस्की के कार्यकाल को लेकर सवाल उठाए गए हों। इससे पहले भी ऐसा हो चुका है।
एक इंटरव्यू में लावरोव ने समझौते के लिए बातचीत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, हम बातचीत चाहते हैं, लेकिन किसी भी बातचीत के लिए यह साफ होना चाहिए कि हम आखिर किससे बात कर रहे हैं। जब हम किसी समझौते की टेबल पर आएंगे, तो अंत में हमें उस पर हस्ताक्षर करने होंगे। हमें इस बात की साफ जानकारी होनी चाहिए कि जो इंसान इन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर रहा है, वह कानूनी रूप से पद पर है, या नहीं। क्योंकि यूक्रेनी संविधान के हिसाब से तो जेंलेंस्की राष्ट्रपति नहीं है। बता दें मई में राष्ट्रपति जेलेंस्की का कार्यकाल औपचारिक रूप से समाप्त हो गया था। इसके बाद से रूस की तरफ से लगातार उनकी वैधता पर सवाल उठाए जाते रहे हैं। इन आरोपों को लेकर यूक्रेन की तरफ से कहा जाता रहा है कि कि यूक्रेन की मार्शल लॉ नियमों के तहत, युद्ध के दौर में राष्ट्रपति की शक्तियों में विस्तार किया जा सकता है, इसलिए जेलेंस्की वैध राष्ट्राध्यक्ष हैं। लावरोव ने इस बात को स्वीकार किया कि जेंलेंस्की यूक्रेनी शासन के वास्तविक प्रमुख है लेकिन सवाल तब भी वही है कि आखिर यूक्रेन की तरफ से समझौते पर हस्ताक्षर कौन करेगा। उन्होंने कहा, जेलेंस्की बार-बार पुतिन के साथ बैठक करने के लिए कोशिश कर रहे हैं। यह उनकी एक चाल है, जिससे वह अपनी वैधता को मजबूत कर पाएं।

