jhankar
ब्रेकिंग
हंडिया: मीडिया के हस्तक्षेप के बाद हटाया मृत जानवर, विसर्जन कुंड पर अब भी क्रेन का इंतजार नवागत कलेक्टर कुमार सत्यम ने संभाला हरदा जिले का प्रभार मध्यप्रदेश में खाद्य सुरक्षा पर बड़ा सवाल, 42 ब्रांड का घी असुरक्षित घोषित, बिक्री पर रोक दशहरा पर्व को लेकर कलेक्टर-एसपी ने किया विसर्जन स्थलों का निरीक्षण आज 19 अक्टूबर सोमवार - शारदीय नवरात्रि का 9वाँ दिन - महा नवमी टाइगर श्रॉफ पर जुहू में फायरिंग, लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली जिम्मेदारी कैसा रहेगा आज मप्र का मौसम ओंकारेश्वर बंद आज से, स्थानीय लोगों की हड़ताल से तीर्थ सेवाएं प्रभावित होने के आसार जल चढ़ाने जा रही अकेली महिला को रोककर पता पूछ कर छेड़खानी- पुलिस ने पकड़ा ग्वालियर में शीतला माता मंदिर रोड पर बड़ा हादसा, बेकाबू ट्रक ने 50 से ज्यादा श्रद्धालुओं को रौंदा, 1...

पाकिस्तानी विदेश मंत्री हांक रहे थे डींगे- बांग्लादेश ने दिखा दिया आइना

ढाका। पाकिस्तानी विदेश मंत्री और डिप्टी पीएम इशाक डार इन दिनों ढाका के दौरे पर हैं। उनका मकसद दोनों देशों के रिश्तों को सुधारना बताया जा रहा है, लेकिन 1971 की जंग का मुद्दा एक बार फिर दोनों देशों के बीच तनाव का कारण बन गया। बता दें कि असली पेंच अब भी 1971 पर ही अटका हुआ है। दिलचस्प बात यह रही कि ढाका में डार ने जिस दौरान मसले सुलझने का दावा किया, उसी वक्त वहां मौजूद कई बांग्लादेशी राजनीतिक दलों बीएनपी, जमात-ए-इस्लामी और छात्र संगठनों ने भी पाकिस्तान से साफ कहा कि जब तक 1971 के घावों पर ईमानदारी से माफी और समाधान नहीं मिलेगा, रिश्तों में असली भरोसा लौटना मुश्किल है।

- Install Android App -

डार ने दावा किया कि जंग और नरसंहार का मामला अतीत में निपट चुका है और अब दोनों देशों को बेहतर भविष्य की ओर देखना चाहिए। लेकिन उनके ऐसा कहते ही बांग्लादेश के विदेश मंत्री पलटकर जवाब दिया, आप जो कह रहे हैं वो ठीक नहीं है। अंतरिम सरकार के विदेश सलाहकार एम तौहीद हुसैन ने डार के दावे को सीधे खारिज कर दिया। हुसैन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कहा, मैं डार साहब से सहमत नहीं हूं। अगर वाकई सब हल हो गया होता तो आज भी हम इन्हीं मुद्दों पर चर्चा क्यों कर रहे होते? उन्होंने पाकिस्तान से लंबित वित्तीय मामलों के निपटारे, वहां फंसे पाकिस्तानी नागरिकों की वापसी और सबसे अहम 1971 के नरसंहार के लिए औपचारिक माफी की मांग दोहराई। एम तौहीद हुसैन ने दो टूक कहा कि बांग्लादेश ने अपना रुख बहुत मजबूती से रखा है। हमें पाकिस्तान से अपेक्षा है कि वह उस त्रासदी के लिए माफी मांगे, जब लाखों लोग मारे गए थे। उन्होंने यह भी जोड़ा कि 54 साल पुराने मसलों को एक दिन में हल करने की उम्मीद करना गलत होगा, लेकिन बातचीत जारी रहेगी।