शाजापुर। आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा द्वारा दिया गया बयान सुर्खियों में है। इसे लेकर मंगलवार को नगर में भी ब्राह्मण समाज के लोगों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए संतोष वर्मा का पुतला दहन किया। इसके बाद समाजजनों ने एक ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा, जिसमें आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई।
मंगलवार को ब्राह्मण समाज, परशुराम सेना और सर्व ब्राह्मण महिला शाखा ने आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा के कथित विवादित बयान के विरोध में प्रदर्शन किया। बस स्टैंड क्षेत्र में सैकड़ों लोग एकत्र हुए और उन्होंने वर्मा के पुतले का दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश सरकार से उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम नायब तहसीलदार नाहिद अंजुम को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में संतोष वर्मा के सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो का उल्लेख किया गया है। इसमें वर्मा ने कथित तौर पर कहा था- जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान नहीं देता या उससे संबंध नहीं बनता, तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए। इस बयान के बाद पूरे प्रदेश में विरोध फैल गया है। शाजापुर में समाज के सदस्यों ने इस टिप्पणी को ब्राह्मण समाज की मर्यादा, सम्मान और परंपराओं पर सीधा हमला बताया है। समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि ब्राह्मण समाज शांति, सद्भाव और राष्ट्रहित के लिए जाना जाता है। उन्होंने एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी द्वारा समुदाय विशेष को लक्षित कर सार्वजनिक मंच से ऐसी आपत्तिजनक टिप्पणी करने को निंदनीय बताया। पदाधिकारियों के अनुसार यह टिप्पणी सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली है। प्रदर्शनकारियों ने इसे समाज को भड़काने वाला बताते हुए वर्मा के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग की। समाजजनों ने ज्ञापन में संतोष वर्मा के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने, मामले की जांच के लिए विशेष समिति गठित कर दोष सिद्ध होने पर कठोरतम कार्रवाई करने तथा ब्राह्मण समाज से सार्वजनिक रूप से लिखित व मौखिक क्षमा याचना की भी मांग की है। साथ ही समाजजनों ने चोतवनी दी है कि यदि सात दिनों के अंदर कार्रवाई नहीं की गई तो नगर में वृहद आंदोलन किया जाएगा।

