नेमावर। नेमावर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आयुष्मान आरोग्य मंदिर के इन दिनो हाल- बेहाल है। अस्पताल में सुविधाओ व स्टाफ की कमी से मरीज व परिजनों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस अस्पताल पर क्षेत्र के 40 गांव के मरीजों की जिम्मेदारी है यहां सबसे गंभीर समस्या प्रसूति सेवाओं को लेकर है।
नेमावर एक धार्मिक स्थल है यहां श्रद्धालुओं का 24 घंटे आना जाना बना रहता है, जिला मुख्यालय से 120 किलोमीटर दूर होने के कारण जिले के अधिकारी भी इस और कोई ध्यान नहीं देते हैं। अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ और महिला डॉक्टर का अभाव है।
लैब टेक्नीशियन का भी अभाव है कई बार समय पर एंबुलेंस भी नहीं मिलती है। गर्भवतियों को इमरजेंसी में या तो खातेगांव हरदा या इंदौर रेफर कर दिया जाता है। यहां सामान्य जांच के संसाधन तक उपलब्ध नहीं है टीकाकरण भी समय पर नहीं हो पता है। एकमात्र डॉ दो वार्ड बाय एवं एक सफाई कर्मी पूरे अस्पताल की जिम्मेदारी को संभाल रहे हे। मरीजों का कहना है कि कई बार अस्पताल के चक्कर लगाते हैं पर यहां उन्हें स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध नहीं होती है। ऐसे में मजबूरन उन्हें निजी अस्पतालों की शरण लेना पड़ता है जहां समय और पैसे दोनों ही बरामद होते हैं।
इनका कहना हे..
नेमावर के सरकारी अस्पताल में महिला चिकित्सक नर्स और स्टाफ की भारी कमी है ।इस संदर्भ में वरिष्ठ अधिकारियों से पत्राचार करके नियुक्ति के प्रयास किए जा रहे हे।
“डॉ तुषार गुप्ता”
“बीएमओ खातेगांव”

