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दरिंदों ने जिस नाबालिग को जिंदा जलाया था, उसने दिल्ली एम्स में तोड़ा दम

भुवनेश्वर। बीते माह 19 जुलाई को तीन दरिंदों ने एक 15 साल की छात्रा का अपहरण कर उसे आग के हवाले कर दिया था। 75 प्रतिशत से अधिक जली इस बेटी ने अंतत: दिल्ली के एम्स में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना बलंगा थाना क्षेत्र के बयाबर गांव की है। जहां, दसवीं की छात्रा को कथित तौर पर आग लगा दी गई थी। आरोप है कि लगाया था कि 19 जुलाई को तीन बाइक सवार युवकों ने उसका अपहरण कर लिया, उसे बेहोश कर भार्गवी नदी के किनारे उसे आग लगा दी। लड़की किसी तरह मौके से चीखते-चिल्लाते भागी और पास के एक घर में छिप गई। किसी ग्रामीण ने उसे बचाया और स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया। उसी दिन तुरंत उसे एम्स भुवनेश्वर में भर्ती कराया गया, जहां पुलिस ने उसका बयान दर्ज किया।

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दूसरे ही दिन उसे एयरलिफ्ट करके एम्स नई दिल्ली ले जाया गया। जहां उसके त्वचा का प्रत्यारोपण किया गया। वहीं, संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए उन्हें रोजाना इम्यूनोग्लोबुलिन इंजेक्शन भी दिए जा हे थे। बिटिया के बेहतरी के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन माझी ने एक्स पर लिखा, ‘राज्य सरकार ने सर्वोत्तम संभव उपचार सुनिश्चित किया, लेकिन हम इस परिणाम से स्तब्ध हैं। जांच जारी है और दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी। इस बीच मामले की जांच करते हुए राज्य पुलिस ने लड़की के रिश्तेदारों समेत आठ लोगों को हिरासत में लिया था। हालांकि, उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत ना होने की वजह से उन्हें बाद में छोड़ दिया। पुलिस ने बताया कि जांच अपने दौर पर है, जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘मामले की जांच अब अपने अंतिम चरण में है। पुलिस घटना के पीछे की परिस्थितियों और मकसद की गहन जांच कर रही है। एक संपूर्ण और न्यायसंगत परिणाम सुनिश्चित करने के लिए सभी कानूनी पहलुओं की सावधानीपूर्वक जांच की जा रही है।