मकड़ाई एक्सप्रेस 24 भोपाल ।शहर के कोलार रोड स्थित जेके हॉस्पिटल और एलएनसीटी यूनिवर्सिटी (जेके कैंपस) को लेकर जो बम की धमकी मिली है, वह पिछले कुछ दिनों से शहर में चल रहे ‘हॉक्स ईमेल’ (फर्जी धमकी) के सिलसिले का हिस्सा है।
यहाँ इस घटना से जुड़ी ताज़ा जानकारी और स्थिति का विवरण दिया गया है:
घटना का मुख्य विवरण
संस्थानों के आधिकारिक ईमेल आईडी पर एक धमकी भरा मेल प्राप्त हुआ
मेले मैं बम रखने का दावा
मेल में परिसर के अंदर 21 बम रखे होने का दावा किया गया। मेल में स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई थी कि दोपहर 1:30 बजे धमाके होंगे। ईमेल में धार्मिक संदर्भ देते हुए कहा गया कि “दोपहर की नमाज़ के समय से पहले परिसर खाली कर दिया जाए।”
पुलिस की कार्रवाई और ताज़ा स्थिति
सूचना मिलते ही कोलार थाना पुलिस, BDDS (बम निरोधक दस्ता) और डॉग स्क्वाड मौके पर पहुंचे। अस्पताल के कुछ हिस्सों और यूनिवर्सिटी कैंपस की सघन तलाशी ली गई।
अफरातफरी का माहौल
अचानक भारी पुलिस बल और चेकिंग को देखकर मरीज़ों के परिजनों और छात्रों में डर का माहौल बन गया था, हालांकि पुलिस ने स्थिति को संभाला।
अब तक की जांच में किसी भी तरह की संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक नहीं मिला है। पुलिस इसे ‘होक्स कॉल’ (अफवाह) मानकर चल रही है, जिसका उद्देश्य केवल दहशत फैलाना था।
बड़ा सवाल: कहाँ से आ रहे हैं ये मेल ?
भोपाल में पिछले 15-20 दिनों में यह चौथी या पांचवीं बड़ी घटना है। इससे पहले पीपुल्स यूनिवर्सिटी, AIIMS भोपाल, रीजनल पासपोर्ट ऑफिस और लीगल मेट्रोलॉजी विभाग को भी इसी तरह के मेल मिल चुके हैं।
साइबर पुलिस की चुनौती
राज्य साइबर पुलिस और क्राइम ब्रांच इन ईमेल्स के IP एड्रेस को ट्रैक करने में जुटी है। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि ये मेल विदेशी सर्वर (जैसे VPN या प्रॉक्सी) का इस्तेमाल करके भेजे जा रहे हैं, जिससे आरोपी की लोकेशन ट्रेस करना मुश्किल हो रहा है। लगभग सभी ईमेल्स में ‘साइनाइड बम’ या ‘IED’ का ज़िक्र और फटने का एक निश्चित समय दिया जा रहा है, जिससे अंदेशा है कि इसके पीछे कोई एक ही गिरोह या व्यक्ति हो सकता है।
पुलिस ने की सावधानी की अपील
पुलिस प्रशासन ने नागरिकों और संस्थानों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, लेकिन सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध ईमेल या वस्तु की सूचना तुरंत 100 नंबर पर दें।

