टेक्सास। अमेरिकी अरबपति एलन मस्क की प्राइवेट स्पेस कंपनी स्पेसएक्स ने बुधवार को एक और इतिहास रच दिया। कंपनी ने दुनिया के सबसे ताकतवर रॉकेट स्टारशिप को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया। यह स्टारशिप का अब तक का 10वां इंटीग्रेटेड टेस्ट फ्लाइट है, जिसका इंतजार लंबे समय से किया जा रहा था। यह उड़ान अमेरिका के टेक्सास राज्य में स्थित स्पेसएक्स के स्टारबेस लॉन्च साइट से हुई। इससे पहले सोमवार और मंगलवार को खराब मौसम और तकनीकी जांच के कारण दो बार लॉन्च टालना पड़ा था।
स्टारशिप का ऊपरी हिस्सा लगभग ऑर्बिटल वेग (कक्षा तक की गति) तक पहुंचा और रिइंट्री के दौरान अपने थर्मल प्रोटेक्शन सिस्टम और स्ट्रक्चरल स्ट्रेंथ का टेस्ट करेगा। स्पेसएक्स का लक्ष्य है कि इसके जरिए धरती पर प्वाइंट-टू-प्वाइंट तेज यात्रा की जाए। आर्टेमिस प्रोग्राम के तहत चांद पर इंसानी मिशन भेजा जाए। वहीं भविष्य में मंगल ग्रह पर इंसानों को भेजने के लिए भी इस रॉकेट की कामयाबी और लगातार टेस्टिंग को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह रॉकेट 232 फीट ऊंचे सुपर हेवी बूस्टर और 171 फीट ऊंचे स्टारशिप अपर स्टेज से मिलकर बना है, जो इसे स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से भी ऊंचा बनाता है। सोमवार को लॉन्च से पहले इसमें ईंधन भरा गया था और उड़ान के लिए तैयार भी था, लेकिन रात करीब 8 बजे स्पेसएक्स ने इसे लॉन्च की बजाय रीहर्सल फ्लाइट में बदलने का फैसला किया। मंगलवार को भी इसका लॉन्च कुछ समय के लिए टाला गया था। रविवार को लॉन्चपैड पर लिक्विड ऑक्सीजन का लीक मिला था। सुरक्षा को देखते हुए लॉन्च टाला गया।
बता दें कि स्पेसएक्स इस उड़ान के जरिए स्टारशिप की रीयूजेबिलिटी (बार-बार इस्तेमाल होने की क्षमता) को परखना चाहता है। लॉन्च के कुछ मिनट बाद ही रॉकेट ने सफलतापूर्वक ‘हॉट स्टेजिंग’ की और स्टारशिप सुपर हेवी बूस्टर से सही समय पर अलग हुआ। पहले की तरह जमीन पर रिकवरी की कोशिश करने के बजाय, इस बार बूस्टर को मेक्सिको की खाड़ी में नियंत्रित स्प्लैशडाउन के लिए भेजा गया। टेस्ट के दौरान बूस्टर ने कई बार इंजन रीस्टार्ट करने, फ्लिप करने और बूस्टबैक बर्न जैसे कठिन प्रयोग किए। ये सभी तकनीकें भविष्य में उस चरण के लिए जरूरी हैं, जब कंपनी लॉन्च टावर की मैकेनिकल आर्म्स से बूस्टर को पकड़ने की कोशिश करेगी।

