jhankar
ब्रेकिंग
आज बैंक कर्मियों की देशव्यापी हड़ताल, बाइक रैली निकालकर करेंगे विरोध प्रदर्शन, हरदा में दो घंटे सड़क... खेती किसानी: सोयाबीन पर प्रशासन की नजर, खेतों में उतरा जांच दल पीलापन और असामान्य धब्बों ने बढ़ाई च... आज का राशिफल — 11 सितंबर 2026 🌟 जानिए 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन, क्या कहते है आज आपके भ... हंडिया से 60 वर्षीय संतोष तिवारी लापता, पुलिस ने दर्ज किया मामला पदभार संभालने के एक घंटे बाद ही प्राचार्य पर डंडे से हमला, प्रशिक्षण अधिकारी पर FIR  हरदा वृत्त में सघन विद्युत चेकिंग अभियान, 186 प्रकरण दर्ज जिला कलेक्टर, हरदा द्वारा गठित नैदानिक दल ने ग्रामों में सोयाबीन फसल का निरीक्षण किया। त्रि-स्तरीय पंचायत उप निर्वाचन हेतु कंट्रोल रूम स्थापित गणेशोत्सव में झांकी-पंडाल की बिजली साज-सज्जा के लिए अस्थाई कनेक्शन जरूरी हंडिया : त्योहारों से पहले हंडिया में प्रशासन अलर्ट, शांति समिति ने तय किए कई अहम मुद्दे,,,,

बारिश का बरसा कहर: वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर हुआ भूस्खलन, 31 की मौत, 23 घायल

जम्मू। जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं ने राज्य के कई हिस्सों में तबाही मचा दी है। यहां कटरा में स्थिति काफी गंभीर है। माँ वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर भूस्खलन से अब तक 31 की मौत की पुष्टि हुई है जबकि 23 लोग घायल हुए हैं। हादसे के बाद सेना और अर्धसैनिक बल राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। राज्य प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें मौके पर मौजूद हैं। सेना और एनडीआरएफ की यूनिट्स को भी राहत और बचाव के लिए तैनात किया गया है। हेलिकॉप्टरों की मदद से फंसे लोगों को निकालने का काम जारी है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे के लिए और अधिक बारिश की चेतावनी दी है, जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं।

- Install Android App -

एसएसपी रियासी, परमवीर सिंह के मुताबिक, बचाव दल मौके पर तैनात हैं और राहत कार्य तेजी से जारी है। हालांकि खराब मौसम और लगातार गिरते मलबे की वजह से ऑपरेशन में दिक्कतें आ रही हैं। कटरा से माता वैष्णो देवी मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते पर भूस्खलन की चपेट में आकर अब तक 31 लोगों की जान चली गई है और 23 लोग घायल हुए हैं। यह मार्ग तीर्थयात्रियों के लिए मुख्य रास्ता है, लेकिन अब मलबे से पूरी तरह ढक चुका है। 26 अगस्त की देर रात जम्मू के कई इलाकों में बादल फटने की सूचना मिली, जिसके बाद स्थानीय नदियां और नाले उफान पर आ गए। तेज बहाव के साथ चट्टानें, पेड़ और मिट्टी बहकर नीचे आ गई, जिससे कई मकान जमींदोज हो गए। कई गांवों में संपर्क पूरी तरह टूट गया है और बिजली-पानी की आपूर्ति भी बाधित हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि अर्धकुंवारी के पास हुए भूस्खलन के बाद बचाव अभियान जारी है, दोपहर करीब 3 बजे भूस्खलन हुआ था।