jhankar
ब्रेकिंग
ढोलगांव कला में बिजली विभाग की लापरवाही से हादसे का खतरा, ग्रामीणों की जागरूकता से बची गौवंश की जान शहर में गूंजा जय श्रीराम, राम फेरी ने मनाया 15वां स्थापना दिवस बुजुर्ग भक्तों का सम्मान कर लिया आशी... बारंगा में दुपट्टा पहनाने के बाद गरमाई आदिवासी सियासत, भाजपा में शामिल होने की चर्चा पर आया स्पष्टीक... हंडिया बस स्टैंड पर अतिक्रमण का नया मामला: दुकान के सामने टप, जमघट और गांजा पीने के आरोप! हरदा में पंचायत उप-निर्वाचन 2026 के लिए खिरकिया विकासखण्ड के 4 मतदान केंद्रों के भवनों में किया बदला... हरदा में IFMIS की तकनीकी समस्याओं के निराकरण के लिए हर गुरुवार लगेगा हेल्पडेस्क शिविर आज का सुविचार जीवन में सबसे बड़ी जीत किसी और को हराना नहीं, बल्कि खुद की कमजोरियों पर जीत पाना है। आज 18 सितंबर 2026 - मध्य प्रदेश का मौसम अपडेट दिल्ली में 17 साल की नाबालिग की हत्या, दुष्कर्म का मामला दर्ज; पुलिस ने 4 आरोपियों को पकड़ा सनकी प्रेमी ने प्रेमिका के घर फेंका पेट्रोल बम, शादी तय होने से था नाराज

विदिशा जिला हादसा : मां बीमार थी इसलिए पिता के साथ कुएं पर पानी भरने गया था रवि

मकड़ाई समाचार विदिशा। गंजबासौदा के ग्राम लाल पठार में हुए हादसे में अब तक 4 लोगों के शव कुएं से निकाले जा चुके हैं। इस कुएं में सबसे पहले गिरे 14 वर्षीय रवि अहिरवार की मां जया बाई का रो रोकर बुरा हाल है। जया बाई ने बताया कि वे हमेशा कुए पर ही पानी भरने जाती थी। कभी-कभी रवि भी उनके साथ चला जाया करता था। उनकी तबीयत खराब थी इसलिए गुरुवार को रवि अपने पिता की मदद करने उनके साथ पानी भरने चला गया।

कक्षा 7वी में पढ़ने वाले रवि अहिरवार के पिता ओमकार अहिरवार ने बताया कि वह गुरुवार शाम करीब 6:30 बजे कुएं पर पानी भरने गए थे। उनके साथ रवि भी था, वह रस्सी के सहारे बाल्टी से पानी खींच रहा था। वे भरे हुए बर्तनों को घर खाली करने गए तभी कुछ लोग दौड़ते हुए आए और उन्होंने बताया कि रवि कुएं में गिर गया।

- Install Android App -

इसके बाद सभी कुएं की तरफ दौड़े। तब तक वहां मौजूद गांव के कुछ युवक उसे बचाने कुएं में कूद चुके थे, देखते ही देखते वहां भीड़ लग गई। कुएं की छत पर लोग इकट्ठे होकर नीचे झांकने लगे। तभी अचानक कुएं की छत नीचे गिर गई। कुछ लोग रस्सी और सीढ़ी के सहारे बाहर आ गए। 16 लोग अस्पताल में भर्ती हैं।

4 शव बाहर निकाले जा चुके हैं, अन्य लोगों को बाहर निकालने प्रशासन गुरुवार देर शाम से ही जुटा हुआ है। एनडीआरएफ के करीब 50 लोग बचाव राहत कार्य में जुटे हुए हैं। होमगार्ड से करीब 50 जवानों की एक कंपनी, एसडीईआरएफ के करीब 20 सदस्य, रायसेन से भी होमगार्ड सैनिक बचाव राहत कार्य में लगे हुए हैं। मौके पर तीन पोकलेन मशीन, दो जेसीबी मशीन भी राहत कार्य में लगी हुई है।