आधी रात हिरासत से छूटीं AISA चीफ नेहा बोरा, CJP फाउंडर अभिजीत दीपके पर सख्त एक्शन, आज SEM कोर्ट में पेशी
नई दिल्ली। दिल्ली में ‘लेहरा दो तिरंगा’ प्रोटेस्ट से पहले हुई बड़ी कार्रवाई के बाद शनिवार सुबह बड़ी अपडेट सामने आई है। दिल्ली पुलिस ने AISA की नेशनल प्रेसिडेंट नेहा बोरा को आधी रात की हिरासत के बाद रिहा कर दिया है, जबकि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके पर पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।
नेहा बोरा कैसे और कहाँ से छूटीं…?
पुलिस के मुताबिक नेहा बोरा को मंडी हाउस से हिरासत में लिया गया था। AISA का आरोप है कि उन्हें 5 घंटे तक दिल्ली में अलग-अलग जगह घुमाया गया और बाद में आरके पुरम थाने में रखा गया। आधी रात को पहुंचे वकीलों को मिलने नहीं दिया गया, दवाइयां तक नहीं देने दी गईं। शनिवार सुबह 5 बजे के करीब वकीलों से मुलाकात के बाद दिल्ली पुलिस एक्ट की धारा 65 के तहत औपचारिक कार्रवाई पूरी कर उन्हें रिहा कर दिया गया।
रिहाई के बाद नेहा बोरा ने कहा – “मुझे पूरी रात थाने में रखा गया, नाम-पता पूछा गया, वकील से बात तक नहीं करने दी गई। यह अवैध हिरासत है।” उन्होंने अभिजीत दीपके समेत सभी हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों की तत्काल रिहाई की मांग की है।
अभिजीत दीपके कहाँ हैं और उन पर क्या एक्शन..?
CJP फाउंडर अभिजीत दीपके को झंडेवालान स्थित उनके घर से कनॉट प्लेस जाते वक्त हिरासत में लिया गया। पुलिस ने बताया कि उन्हें दो नोटिस पहले ही दिए गए थे कि वे सेंट्रल पार्क, कनॉट प्लेस न जाएं, क्योंकि वहां BNSS की धारा 163 लागू है और NDMC ने तिरंगा यात्रा की अनुमति नहीं दी है।
नोटिस का पालन न करने पर उन पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 170 के तहत शांति भंग करने के आरोप में कार्रवाई की गई है। पुलिस के मुताबिक दीपके ने पहले भी शांति बनाए रखने के लिए 50,000 रुपये का बॉन्ड भरा था कि वे एक साल तक कोई अवैध गतिविधि नहीं करेंगे, लेकिन उन्होंने बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन किया। आज शनिवार को उन्हें स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां कोर्ट तय करेगा कि उन्हें जमानत मिलेगी या जेल भेजा जाएगा।
सौरभ दास और आशुतोष रांका का क्या हाल है…?
यह पूरे विवाद की जड़ है। CJP के दो बड़े नेता सौरभ दास और आशुतोष रांका पहले से ही तिहाड़ जेल में हैं।
उन्हें मंगलवार को जंतर-मंतर में गेट कूदकर अंदर घुसने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। जंतर-मंतर को अभी-अभी सरकार ने धरना स्थल की सूची से हटाया है। पुलिस का कहना है कि इन दोनों ने 4 दिन पहले ही मजिस्ट्रेट कोर्ट में बॉन्ड भरा था, फिर भी दोबारा जंतर-मंतर पहुंच गए। इसलिए कोर्ट ने दोनों को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। सौरभ दास जेल नंबर-2 और आशुतोष रांका जेल नंबर-4 में बंद हैं। तीसरे साथी अजिंक्य शिंदे को बॉन्ड पर जमानत मिल गई है।
CP प्रोटेस्ट की अभी क्या स्थिति है….?
शुक्रवार को CJP ने सेंट्रल पार्क, कनॉट प्लेस में ‘लेहरा दो तिरंगा’ मार्च का आह्वान किया था। इसके लिए दिल्ली पुलिस ने 6000 से ज्यादा जवान और CAPF के 26000 जवान तैनात किए थे। सेंट्रल पार्क को कॉर्डन ऑफ कर दिया गया, RAF तैनात की गई।
पुलिस के मुताबिक कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 150 लोगों को हिरासत में लिया गया था। भारी सुरक्षा के कारण केवल गिने-चुने लोग ही CP पहुंच पाए।
बीजेपी का क्या कहना है….?
दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि “CJP के नेता सौरभ दास और आशुतोष रांका गुमराह युवा हैं जो विदेशी फंड के सहारे देश के युवाओं को भड़का रहे हैं। उन्होंने बॉन्ड की शर्त तोड़ी इसलिए जेल गए।” बीजेपी ने इसे त्योहारी सीजन में अराजकता फैलाने की कोशिश बताया।
वहीं विपक्षी नेता राहुल गांधी, ममता बनर्जी, एमके स्टालिन और अरविंद केजरीवाल ने इस हिरासत को ‘अघोषित इमरजेंसी’ बताया है।

