jhankar
ब्रेकिंग
बेटी ने 2 दशक पहले कुआं खोदकर बाबुल को दिया था जलस्रोत का उपहार ! हरदा, टिमरनी और रहटगांव मंडी में 36 हजार क्विंटल से अधिक उपज की आवक, जानिए फसलों के ताजा भाव धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत आवेदन आमंत्रित विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण 2027 के तहत राजनैतिक दलों की बैठक 22 अक्टूबर को होगी किसानों सिंचाई संबंधी समस्याओं के निराकरण हेतु संभागीय कार्यालय टिमरनी में सिंचाई प्रकोष्ठ गठित किसानों सिंचाई संबंधी समस्याओं के निराकरण हेतु सिंचाई प्रकोष्ठ गठित मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत 23 अक्टूबर को रहटगांव में लगेगा शिविर कार्बाइड गन के विक्रय एवं उपयोग पर रोक लगाने के निर्देश हजारों की भीड़ में रामभक्ति की गूंज के साथ हुआ रावण दहन खरीफ-रबी फसलों एवं पराली प्रबंधन चर्चा हेतु किसान संगठनों की बैठक 22 अक्टूबर को होगी

कृषि मंत्री कमल पटेल की किसानों से अपील, शुद्ध अनाज और स्वस्थ शरीर के लिए प्राकृतिक खेती को अपनाएं किसान

मध्यप्रदेश में गांव- गरीब और किसानो की सरकार

मकड़ाई समाचार छतरपुर/भोपाल। छतरपुर में मीडिया से चर्चा करते हुए कृषि मंत्री एवं किसान नेता कमल पटेल ने कहा कि प्राकृतिक खेती को प्रदेश में बढ़ाने के लिए सरकार कृत संकल्पित है। इसी दिशा में प्राकृतिक कृषि बोर्ड का गठन किया जा रहा है। मैं प्रदेश के किसानों से अपील करता हूं कि शुद्ध अनाज के साथ स्वस्थ शरीर के लिए आधा एकड़, एक एकड़ मे प्राकृतिक खेती शुरू करें।

- Install Android App -

कृषि मंत्री पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश में गांव- गरीब और किसानों की सरकार है। यह मैं इसलिए कह रहा हूं कि कांग्रेस के शासनकाल में किसानों से 13 क्विंटल सरसों और 15 क्विंटल चना प्रति हेक्टेयर खरीदा जाता था लेकिन जैसे ही हमारी सरकार आई हमारी भाजपा सरकार ने 20-20 क्विंटल प्रति हेक्टेयर खरीदने के आदेश दिए। दूसरी ओर इन फसलों की खरीदी मई माह में होती थी। जिससे किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पाता था। किसान औने-पौने दामों में फसल बेच देता था।

हमने इसे गंभीर चूक मानते हुए फसल की खरीदी मार्च माह से कर दी। जिससे किसानों को उनकी फसल का अच्छा मूल्य मिल रहा है। पटेल ने कहा कि हमारी सरकार ने किसानों के लिए एक और ऐतिहासिक फैसला लिया है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय प्रतिदिन, प्रति किसान से 25 क्विंटल चना खरीदने की लिमिट थी।जिसे हमारी सरकार ने 40 क्विंटल प्रतिदिन, प्रति किसान से खरीदने के आदेश दिए हैं। इससे किसानों को फसल का मूल्य समर्थन मूल्य से भी ऊपर मिल रहा है।