मकड़ाई समाचार
हरदा । केदार सिरोही (पूर्व सदस्य कृषि सलाहकर परिषद, मध्य प्रदेश सरकार) ने आज मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को मेल कर कोरोना संक्रमित लोगों के सैंपल की संख्या को बढ़ाने, सीटी स्कैन मशीन के दुरुस्त करने आदि विषयों को लेकर अपनी बात रखी है।
उम्मीद की जाना चाहिए कि स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन आने वाले खतरों के मद्देनजर ठोस एवं उचित कदम उठाकर जिला की जनता को इस महामारी से उबारने मकी हरसंभव कोशिश को अंजाम देगा।
क्या लिखा है ईमेल पत्र में –
वर्तमान में संक्रमण काल का प्रभाव अधिकांश गाँवो औऱ शहर के वार्डो में नजर आ रहा है, ऐसे समय मे इस तीव्रता को रोकने के लिए वास्तविकता के आधार पर प्लानिंग की आवश्यकता है। जिसके आधार पर हम ऑक्सीजन, दवाई ,सैम्पल औऱ अस्पताल की आवश्यकता अनुसार व्यवस्था कर संक्रमित लोगो का इलाज किया जा सके।
हरदा जिले में करीब 8 लाख की आबादी है जिसमे से रोजना करीब 150 से 200 बीमार लोगो के सैम्पल लिए जा रहे जो कि 10 हजार पर 2 लोग हो रहे है । जिससे संक्रमण का वास्तविक स्वरूप समझ मे नही आ रहा है। इसलिए हरदा में सैम्पलिंग औऱ टेस्टिंग की दर को बढ़ाना चाहिए । दूसरा बहुत से लोगो की रिपोर्ट नेगेटिव आ रही मगर CT स्कैन में संक्रमण दिखाई दे रहा है इसलिए CT स्कैन को दुरस्त करना चाहिए।
आंकड़े वास्तिवक नहीं –
आज अख़बार में एक मुक्ति धाम के आँकड़े जारी किए है जिसमे दर्शाया गया है कि पिछले माह अप्रैल में 161 लोगो का अंतिम संस्कार किया गया वही सरकारी आँकड़ो के अनुसार 5 लोगो की मृत्यु दर्शाई गई है । जबकि इसमे नर्मदा किनारे के मुक्तिधाम, हंडिया,टिमरनी,सिराली, खिड़किया औऱ गाँवो के मुक्तिधाम के साथ कब्र स्थान के आँकड़े शामिल नहीं है यदि यह आँकड़े सामने आते है तो डरावना दृश्य होगा। इसका मतलब यह कि संक्रमण बहुत बड़े स्तर पर है और सरकार के पास वास्तविक आँकड़े नही क्योकि सरकारी आँकड़ो के हिसाब से 350-400 सक्रिय मरीज दिखाए जा रहे है।
संसाधनों की कमी से अव्यवस्था –
वर्तमान में मरीजों के इलाज के पूरे प्रदेश में संसाधनों की बेहद कमी है इसलिए सरकार द्वारा जिले स्तर से जारी किए जा रहे आंकड़ों के आधार पर दवाई, इंजेक्शन ,टेस्ट औऱ ऑक्सीजन की व्यवस्था कर रही, हमारे यहां सरकारी और वास्तविक आँकड़ो में काफी फर्क नजर आ रहा है इसलिए जमीनी स्तर पर अव्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है।
जिला प्रशासन द्वारा ग्राम स्तर पर उपलब्ध कर्मचारियों के द्वारा गांव/ वार्ड अनुसार बीमार लोगो को चिन्हित कर उन्हें टेस्ट हेतु प्रेरित कर, समय अनुसार उन्हें आइसोलेशन में रखकर इलाज शुरू करना चाहिए।
हमे ऑक्सीजन कि उपलब्धता के लिए सरकारी सिलेंडरों गिनती हेतु लॉग बुक औऱ स्टॉक रजिस्टर बनाना चाहिए क्योकि बहुत से प्रभाव शाली लोगो द्वारा सिलेंडर रख लिए गए उन्हें आमजन के लिए उपलब्ध कराना चाहिए एवम समाज सेवी संस्थाओं जो ऑक्सीजन उपलब्ध करा रहे है उन्हें सहयोग औऱ प्रोत्साहित करना चाहिए ताकि वह लोग ज्यादा से ज्यादा लोगो तक सेवा दे पाए।
अन्यथा खामियाज़ा होगा भुगतना –
मेरा आपसे आग्रह है कि वास्तविक आँकड़ो को आधार मानकर योजना बनाएं एवम अगले 15 दिन में संक्रमण की प्रभावी दर का पूर्व अनुमान लगाकर प्लानिंग करने से संक्रमण को कंट्रोल किया जा सकता है। गलत आँकड़ो के आधार पर हम यह लड़ाई जितने में लंबा समय लगेगा जिसका खामियाजा बहुत से लोगो को उठाना पड़ेगा।
हरदा जन सहयोग और सकारात्मकता की विचारधारा से प्रेरित है यदि कही भी जन सहयोग की आवश्यकता हो तो प्रशासन द्वारा अपील करने लोग सहयोग के लिए आएंगे।

