ब्रेकिंग: दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस की जीत, 6056 वोटों से हराया भाजपा को कांग्रेस प्रत्याशी ने दर्ज की जीत
ब्रेकिंग: “मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने जीत दर्ज की है। कांग्रेस प्रत्याशी ने भाजपा उम्मीदवार को 6056 वोटों के अंतर से हराया। 30 जुलाई को हुए मतदान के बाद 3 अगस्त को मतगणना हुई, जिसमें कांग्रेस की बढ़त निर्णायक रही।”
मकडा़ई एक्सप्रेस 24 दतिया। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने 6,056 वोटों से जीत दर्ज की है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को शिकस्त दी है।
चुनाव परिणाम
विजेता-घनश्याम सिंह (कांग्रेस)
निकटतम प्रतिद्वंद्वी – आशुतोष तिवारी (भाजपा)जीत का अंतर: 6,056 वोट
तीसरा स्थान -दामोदर सिंह यादव (आजाद समाज पार्टी)
क्यो हुआ चुनाव
यह सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द होने के बाद रिक्त हुई थी। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 28 साल पुराने सहकारी बैंक धोखाधड़ी मामले में उन्हें 3 साल की सजा सुनाई थी, जिसके बाद विधानसभा सचिवालय ने उनकी सदस्यता समाप्त कर दी थी।
बूथवार रहा कांटे का मुकाबला
चुनाव में बूथों की संख्या के हिसाब से मुकाबला बेहद रोचक रहा। भाजपा 135 बूथों पर आगे रही, जबकि कांग्रेस 122 बूथों पर बढ़त बनाने में कामयाब रही। हालांकि जिन बूथों पर कांग्रेस जीती वहां मतों का अंतर ज्यादा रहा, जिसने पूरे नतीजे को पलट दिया।
सबसे बड़ा अंतर बूथ क्रमांक 131 पर रहा जहां कांग्रेस को 345 वोटों की बढ़त मिली। वहीं भाजपा को बूथ 80 पर 328 वोटों की सबसे बड़ी बढ़त मिली थी। कई बूथों पर जीत-हार का फैसला सिर्फ 1-2 वोट से हुआ।
नरोत्तम मिश्रा पर भीतरघात के आरोप
हार के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा पर पार्टी के भीतर से ही सवाल उठे हैं। स्थानीय लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं का मानना है कि संगठन के भीतर समन्वय की कमी और कार्यकर्ताओं की नाराजगी हार की बड़ी वजह बनी।
स्थानीय लोगो के अनुसार, “विकास कार्य हुए, लेकिन मिश्रा के करीबी लोगों की कार्यशैली से जनता नाराज थी”। दूसरी ओर भाजपा कार्यकर्ता जीत को लेकर जरूरत से ज्यादा आश्वस्त थे।
नरोत्तम मिश्रा ने हार से पहले दावा किया था कि भाजपा 20 हजार वोटों से जीतेगी, लेकिन नतीजे उल्टे रहे।
2023 के नतीजों से तुलना
दतिया सीट पर 2023 के विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने नरोत्तम मिश्रा को 7,742 वोटों से हराया था। उस समय मिश्रा को 81,235 वोट मिले थे जबकि भारती को 88,977 वोट मिले थे। 2023 में भी मिश्रा की हार में बसई क्षेत्र की नाराजगी बड़ी वजह मानी गई थी।
दोनों दलों की प्रतिक्रिया
बीजेपी ने हार की समीक्षा शुरू कर दी है और संगठनात्मक कमजोरियों को दूर करने की बात कही है। वहीं कांग्रेस ने इस जीत को जनता के भरोसे की जीत बताया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि दतिया का वोटर किसी एक दल का “कैडर वोटर” नहीं है, बल्कि उम्मीदवार के काम और स्थानीय मुद्दों को देखकर वोट करता है।

