हरदा। श्रम पदाधिकारी हरदा ने विभिन्न राज्यों से लौटने वाले प्रवासी श्रमिकों के संबंध में जारी एडवाइजरी के परिपालन हेतु जिले में नियोजित प्रवासी श्रमिकों के कल्याण के लिये कारखानों, दुकान एवं वाणिज्यिक संस्थानों के नियोजकों तथा प्रबन्धकों को निर्देशित किया है।
जारी निर्देशानुसार धारा 16 के अंतर्गत प्रत्येक ठेकदार का यह कर्तव्य है कि प्रत्येक कर्मकार को एक पास बुक दी जावे, जिसमें श्रमिक का फोटो लगा हो तथा उसमें इस स्थापना का नाम, स्थान जहां कार्यरत है, नियोजन अवधि, प्रतिव्यक्ति मजदूरी दर, भुगतान का स्वरूप, विस्थापन भत्ता जो भुगतान किया जाना है, वापसी किराया, आकस्मिक व्यय, कटौत्रा आदि की जानकारी हो। श्रमिकों का नियमित भुगतान, कार्य की उपयुक्त दशा, बिना शुल्क चिकित्सा सुविधाएं, सुरक्षा कपड़े, दुर्घटना होने पर प्राधिकारी एवं कर्मकार के आत्मीय जनों को सुचित करने तथा कार्यस्थल पर नि:शुल्क आवास व्यवस्था, पेय जल व्यवस्था एवं शौचालय की जिम्मेदारी ठेकेदार की है।
धारा 13 के अनुसार किसी भी प्रवासी कर्मकार को ठेकेदार द्वारा न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 के अंतर्गत निर्धारित वेतन, मजदूरी दर से कम भुगतान नहीं किया जा सकता है। वेतन का भुगतान श्रमिकों के बैंक खाते के माध्यम से किया जाना सुनिश्चित करें।
ठेकेदार, प्रवासी कर्मकार को धारा 15 के अनुसार अपने राज्य के निवास स्थान से दूसरे राज्य के कार्यस्थल तक दोनों तरु का आने-जाने का किराया अथवा यात्रा भत्ते का भुगतान करेगा तथा इस अवधि के वेतन भुगतान की भी पात्रता होगी, ऐसा माना जावेगा कि कर्मकार ने कार्य किया हो। ठेकेदार का दायित्व है कि वे धारा 17 के अंतर्गत प्रवासी कर्मकार को समयावधि में वेतन तथा अन्य भुगतान करें तथा धारा 18 अंतर्गत चूक हो जाने की स्थिति में प्रमुख नियोजक का दायित्व है कि वे सभी भुगतान एवं सुविधाओं का लाभ दें।
उन्होने कारखानों, दुकान एवं वाणिज्यिक संस्थानों के नियोजकों तथा प्रबन्धकों को निर्देशित किया है कि प्रवासी श्रमिकों को पात्रतानुसार मध्यप्रदेश शासन द्वारा संचालित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा एवं श्रम कल्याणकारी योजनाओं जैसे – मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना, कर्मचारी भविष्य निधि, कर्मचारी राज्य बीमा, भवन संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना, प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मानधन योजना तथा राज्य सरकार द्वारा संचालित अन्य योजनाओं का लाभ प्राप्त करने हेतु अपने संस्थान में कार्यरत कर्मकारों का योजनाओं में नामांकन कराया जाने हेतु परामर्श प्रदान करें।

