ब्रह्माकुमारी आश्रम में ‘घर बने मंदिर’ विषय पर कार्यक्रम, भव्यता बहन ने परिवार में बढ़ती दूरियों पर रखे विचार,,,
हंडिया। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय हंडिया आश्रम में रविवार को ‘घर बने मंदिर’ विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में हंडिया सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में भाई-बहन शामिल हुए। विभिन्न स्थानों के आश्रमों से ब्रह्माकुमारी बहनें भी कार्यक्रम में पहुंचीं।
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी भव्यता बहन ने कहा कि वर्तमान समय में घर-घर में अशांति, कलह-क्लेश और तनाव बढ़ता जा रहा है। मनुष्य बड़े-बड़े मकान बना रहा है, लेकिन परिवार के सदस्यों के बीच आपसी प्रेम और अपनापन कम होता जा रहा है। जीवन में नैतिक मूल्यों की कमी इसका एक कारण है।
उन्होंने कहा कि घर को मंदिर बनाने के लिए पवित्र विचार, पवित्र मन और पवित्र व्यवहार जरूरी है। परिवार में प्रेम, विश्वास, सहयोग और सम्मान की भावना बढ़ने से ही परिवार में खुशहाली आ सकती है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति परेशानी के समय मंदिर जाकर कुछ समय के लिए शांति महसूस करता है, लेकिन परिवार में लौटने के बाद जब वह एक-दूसरे की कमियां देखने लगता है तो रिश्तों में दूरियां बढ़ने लगती हैं। ऐसे में जरूरी है कि मंदिर से मिलने वाली शांति और सकारात्मकता को घर के वातावरण में भी बनाए रखा जाए।
पितरों के विषय पर भी रखे विचार
कार्यक्रम में हरदा आश्रम की संचालिका ब्रह्माकुमारी किरण बहन ने पितरों के विषय पर विचार रखे। उन्होंने पितरों की स्मृति में श्रद्धापूर्वक भोग लगाने और पुण्य कर्म करने के महत्व को समझाया। हरदा से आए ब्रह्माकुमार राजेश भाई ने भी कार्यक्रम में अपने विचार रखे।हंडिया आश्रम संचालिका ब्रह्माकुमारी भारती बहन एवं ब्रह्माकुमारी आरती बहन ने सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।समापन पर सभी के लिए ब्रह्मा भोजन की व्यवस्था की गई।

