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ग्लेशियर टूटने के बाद हेल्पलाइन नंबर जारी, इन नंबरों पर करें संपर्क

मकड़ाई समाचार देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने लोगों की मदद के लिए हेल्पलाइन नम्बर (Helpline numbers) जारी कर दिए गए। परिजन या रिश्तेदार अपने के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए 1070 or 9557444486 पर कॉल कर सकते हैं। इन पर कॉल पर मदद मांगी जा सकती है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि सरकार ज़रूरी कदम उठा रही है। साथ ही उन्होंने बताया कि वह खुद भी घटनास्थल पर जल्द पहुंच रहे हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा है कि चमोली जिले से एक प्राकृतिक आपदा की सूचना मिली है। जिला प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभागों को स्थिति से निपटने के लिए निर्देश दिया गया है। लोगों से अनुरोध है कि किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। सरकार सभी आवश्यक कदम उठा रही है। वहीं चमोली जिले की पुलिस ने बताया है कि तपोवन रेणी क्षेत्र में ग्लेशियर फटने के कारण ऋषिगंगा पावर प्रोजेक्ट को काफी क्षति पहुंची है, जिससे नदी का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है और अलकनंदा नदी में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। लोगों को जल्दी से जल्दी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

केदारनाथ जैसी तबाही की आशंका

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बड़ी तबाही की आशंका को देखते हुए लोगों को 2013 में केदारनाथ में भीषण तबाही की यादें ताजा हो गई हैं। केदारनाथ में पहाड़ों के टूटने और नदियों में आए उफान ने भयावह हालात पैदा कर दिए थे। गौरतलब है कि उत्तराखंड के चमोली जिले में ग्लेशियर फटने भयानक तबाही हुई है। ग्लेशियर फटने के कारण हाइड्रो पॉवर प्रोजेकेट बांध टूटने से कई गांवों में पानी भर गया है। साथ ही 150 से अधिक मजदूरों के बहने की आशंका है।

राहत व बचाव कार्य में तेजी

प्रशासन ने राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया है। इस प्राकृतिक हादसे में कई घरों के बहने की भी आशंका है। स्थानीय प्रशासन के सुरक्षा के मद्देनजर धौलीगंगा नदी के किनारे बसे कई गांवों को खाली कराने का आदेश दे दिया है। साथ ही पानी के तेज बहाव के कारण कीर्ति नगर, देवप्रयाग, मुनि की रेती जैसे इलाकों में अलर्ट रहने को कहा है।