jhankar
ब्रेकिंग
31 जुलाई को हरदा में होगा पूनम कायनेटिक शोरूम का भव्य शुभारंभ ग्वालियर रिश्वतकांड : रिटायरमेंट से 1 दिन पहले लोकायुक्त ट्रैप में फंसे नगर निगम के कार्यपालन यंत्री... हंडिया : अतिक्रमण की पुष्टि, नोटिस भी जारी... फिर कार्रवाई क्यों नहीं? आज तहसीलदार को सौंपा आवेदन तक्षशिला विद्या मंदिर कुकरावद में नामांकन एवं APAAR ID कार्य का किया गया अवलोकन गंजाल नदी: शौच के लिए नदी किनारे गए बुजुर्ग की डूबने से मौत, झाड़ियों में मिला शव विश्व आदिवासी दिवस पर शासकीय अवकाश घोषित किया जाए: विधायक डॉ. रामकिशोर दोगने हरदा: बकाया बिल किसी और का, बिजली काटी दूसरे की; व्यापारी संघ ने कलेक्टर से की शिकायत मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान से जनसंवाद और सुशासन को मिलेगा नया आयाम जनता से सीधे जुड़कर समस्याओं क... इंदौर वृद्धाश्रम में बुजुर्ग महिला से मारपीट का मामला 14 साल के नाबालिग का बुजुर्ग महिलाओं को डंडे ... सिविल डिफेंस वॉलेन्टियर्स का 7 दिवसीय प्रशिक्षण 31 जुलाई से होगा

थानेदार बनने की चाहत रखने वाली अनाथ बालिका को एसपी ने अपनी कुर्सी पर बैठाया

छतरपुर। पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने एक अनाथ बेटी को अपने चेंबर में बुलाकर अपनी ही कुर्सी पर बैठाकर उसका हौसला बढ़ाया है। पहले से ही संकल्प अभियान से पुलिस को बेसहारा बुजुर्गों का सहारा बनाने के लिए पुलिस अधीक्षक शर्मा जिले में चर्चित हैं। इस बार उन्होंने थानेदार बनने का सपना देखने वाली नेहा अनुरागी की जिस तरह से हौसला अफजाई की है, वह कम्युनिटी पुलिसिंग की एक मिसाल बन गई है।

छतरपुर शहर में कड़ा की बरिया मोहल्ले में रहने वाली नेहा अनुरागी के माता-पिता की काफी समय पहले मृत्यु हो गई है। वह 10वीं में पढ़ने वाले अपने 14 वर्षीय भाई के साथ रहकर कॉलेज से बीए की पढ़ाई कर रही है। नेहा का सपना है कि वह पुलिस सेवा में जाकर समाज के लिए कुछ करे।

- Install Android App -

वह पुलिस में जाने के अपने संकल्प के साथ पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा से मिलने के लिए एसपी ऑफिस गई थी। पुलिस सेवा में जाने के उसके जुनून व जज्बे के बारे में पता चलने पर पुलिस अधीक्षक ने नेहा को अपने चेंबर में बुलाया और अपनी कुर्सी पर बैठाकर उसका हौसला बढ़ाया है।

नेहा ने बताया कि एसपी साहब ने उसे पुलिसिंग के बारे में बताया और पुलिस सेवा में जाने के सपने को पूरा करने के लिए जो हौसला दिया है, उससे वह लक्ष्य पाने के लिए और अधिक मेहनत कर सकेगी। वहीं पुलिस अधीक्षक का कहना है कि नेहा के दृढ़संकल्प वाले जज्बे ने उन्‍हें प्रभावित किया है। इसलिए अपनी चेयर पर बैठाकर उसे महसूस कराया है कि पुलिस के आदर्श और भूमिका कैसी होते हैं। नेहा सहित सभी बच्चों के लिए यही संदेश है कि वे अपना लक्ष्य तय करके पूरे अनुशासित तरीके से उसे पाने के लिए परिश्रम करें तो सफलता जरूर मिलेगी।