मकड़ाई एक्सप्रेस 24 | हरदा
हरदा शहर में गुरुवार को विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर विवाद खड़ा हो गया। व्यापारी संघ ने मध्य प्रदेश विद्युत मंडल के अधिकारियों पर मनमानी और तानाशाहीपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर से शिकायत की।
जानकारी के अनुसार, शहर के प्रतिष्ठित व्यवसायी एवं रेडीमेड संगठन के अध्यक्ष सुनील छाबड़ा की दुकान “परी कलेक्शन” पर नंदकिशोर छाबड़ा के नाम से वर्षों से विद्युत कनेक्शन संचालित है। व्यापारी संघ का दावा है कि इस कनेक्शन का बिजली बिल 30 जुलाई 2026 तक पूरी तरह जमा था। इसके बावजूद विभाग ने पड़ोसी दुकान के वर्ष 2024 से लंबित बिजली बिल का हवाला देते हुए परी कलेक्शन की बिजली आपूर्ति काट दी।
बताया गया कि कार्रवाई के दौरान सुनील छाबड़ा ने अधिकारियों से अनुरोध किया कि उन्हें संबंधित दुकानदार और मकान मालिक से चर्चा कर बकाया राशि जमा कराने के लिए सोमवार तक का समय दिया जाए, लेकिन अधिकारियों ने उनकी बात नहीं मानी। विभागीय कर्मचारियों ने यह कहते हुए बिजली काट दी कि यदि किसी परिसर में किसी एक उपभोक्ता का बिल बकाया है तो पूरे परिसर की बिजली आपूर्ति बंद की जा सकती है।
इसकी जानकारी मिलने पर कैट (CAT) जिला अध्यक्ष सरगम जैन एवं विधायक प्रतिनिधि संजय जैन ने विद्युत विभाग के डीई (DE) से चर्चा की। व्यापारी संघ के अनुसार, डीई ने भी यही तर्क दिया कि यदि एक भवन में चार किरायेदार हैं और उनमें से एक का बिजली बिल बकाया है, तो सभी के कनेक्शन काटे जा सकते हैं।
इसके बाद व्यापारी संघ के प्रतिनिधि विद्युत मंडल के जीएम से मिलने उनके कार्यालय पहुंचे, लेकिन वे वहां मौजूद नहीं मिले। फोन पर संपर्क करने का प्रयास भी किया गया, किंतु उनका मोबाइल स्विच ऑफ मिला।
इसके बाद व्यापारी प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी। शिकायत सुनने के बाद कलेक्टर ने तत्काल विद्युत विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर बिजली आपूर्ति पुनः शुरू कराने के निर्देश दिए।
व्यापारी संघ का आरोप है कि यह कार्रवाई विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 56 की भावना के विपरीत है। उनका कहना है कि कानून के अनुसार केवल उसी उपभोक्ता का कनेक्शन विच्छेद किया जा सकता है, जिसका बिजली बिल बकाया हो। किसी अन्य उपभोक्ता को परेशान करना अनुचित है।
इस घटना के बाद शहर के व्यापारियों में नाराजगी और चिंता का माहौल है। व्यापारियों का कहना है कि यदि ऐसी कार्रवाई जारी रही तो भविष्य में कोई भी व्यापारी बिना अपनी गलती के परेशानी का सामना कर सकता है।

