jhankar
ब्रेकिंग
MP OBC Reservation Update: सुप्रीम कोर्ट ने जबलपुर हाई कोर्ट को स मामला, 13% अतिरिक्त आरक्षण पर रोक ... Weather Update: मध्य प्रदेश में अगले 4 दिनों तक बना रहेगा बादलों का डेरा, दक्षिण राज्यों में बारिश क... Big news : लाउडस्पीकर से आरती को लेकर दो पक्षो में विवाद,दुर्गा मंदिर की ग्रिल तोड़ी एमपी में अगले 24 घंटे में बारिश-आंधी और ओलावृष्टि का अलर्ट विधानसभा में मर्यादा तार-तार, विजयवर्गीय व सिंघार ने खोया आपा, औकात दिखाने पर अड़े सिहोरा में मंदिर में तोड़फोड़ के बाद तनाव, दो पक्ष आमने-सामने, पथराव के बाद भारी पुलिस बल तैनात दो साल में 128 प्रोजेक्ट पूरे करने का टारगेट, सिंहस्थ तैयारी में खर्च होंगे 3,000 करोड़ वर्षा और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों के हित में तत्पर है सरकार: कृषि मंत्री कंषाना Aaj Ka Rashifal: आज दिनांक 20 फरवरी 2026 का राशिफल, जानिए आज क्या कहते है आपके भाग्य के सितारे हरदा : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष में हरदा में प्रमुख जन गोष्ठी का आयोजन हुआ इसमें अलग-...

दिमाग से नकारात्मक विचारों को निकालें तभी मिलेगी खुशी

रायपुर। याददाश्त बढ़ाने के लिए मेडिटेशन सीखें। इसके लिए सुबह उठकर परमात्मा के साथ मन के तार जोड़कर एकाग्रता बढ़ानी होगी। किसी चीज को याद करने के लिए बुद्धि में उसका चित्र बनाएं। मन और बुद्धि के एकसाथ मिलकर काम करने से एकाग्रता आती है। दिमाग में नकारात्मक विचारों को हावी न होने दें, यदि नकारात्मक विचार घुस चुके हैं, तो उसे बाहर निकाल फेंके। उक्त विचार ब्रह्माकुमारी गंगा दीदी ने ‘एक नई सोच’ ऑनलाइन आयोजन में व्यक्त किया।

‘स्मरण शक्ति का विकास’ विषय पर उन्होंने कहा कि सारे दिन की अनेक छोटी-छोटी बातों को हम भूल जाते हैं। जो बातें हमें याद रहनी चाहिए, वे भी हम भूल जाते हैं। इसका प्रमुख कारण है एकाग्रता की कमी और तनाव। एक बच्चा सारे दिन में तीन सौ से अधिक बार मुस्कुराता है। मगर, जैसे-जैसे उसकी उम्र बढ़ती जाती है, वह मुस्कुराना भूलने लगता है। उसकी खुशी गुम हो जाती है और उसकी याददाश्त भी कम होने लगती है।

- Install Android App -

कार्य व्यवहार में तनाव होने से खुशी कम हो जाती है। प्रायः देखा गया है कि घर में माता-पिता में सबसे ज्यादा तनाव बच्चों की परीक्षा के समय मार्च और अप्रैल में होता है। तनाव का हमारी याददाश्त पर बुरा असर पड़ता है। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए हम व्यायाम करते हैं। खान-पान का ध्यान रखते हैं, लेकिन मन को स्वस्थ रखने के लिए हम कुछ नहीं करते हैं।

जैसे मोबाइल या कंप्यूटर में डाटा स्टोर करते जाते हैं और जब हार्डडिस्क भर जाती है, तो कम्प्यूटर धीमा चलने लगता है। तब हमें डाटा को डिलीट करना पड़ता है। उसी तरह बचपन से ही हम बहुत सारी सूचनाएं दिमाग में भरते जाते हैं। हमें उसे डिलीट करना नहीं आता है। हमें अपनी याददाश्त को बढ़ाने के लिए दिमाग से नकारात्मक बातों और विचारों को डिलीट करना सीखना पड़ेगा।