‘धार्मिक कथा या वोट कथा’: मध्य प्रदेश में 6 महीने में हुई 500 कथाएं, मंत्री-पूर्व मंत्री और बीजेपी-कांग्रेस के दिग्गज नेता करवा चुके हैं कथा
मकड़ाई समाचार भोपाल। मध्य प्रदेश में चुनावी साल चल रहा है। इसलिए बीजेपी और कांग्रेस नेता अपनी-अपनी तैयारियों में जुट गए हैं। चुनाव में वोट के लिए धर्म की भी सहारा लिया जा रहा है। एमपी में मिशन-2023 के लिए 6 महीने में करीब 500 कथा हुई है। अभी भी कथा और भंडारों का दौर जारी है। अगले छह महीने में 500 से अधिक कथाएं कराए जाने की तैयारी चल रही है।
मध्य प्रदेश में इन कथाओं के जरिए वर्तमान विधायक अपना माहौल जमा रहे हैं, तो समर्थक और दावेदार भंडारों से जमीन मजबूत करने में जुटे है। बीजेपी-कांग्रेस के सर्वे में नाम जुड़वाने के लिए भी धार्मिक आयोजन हो रहे है। धार्मिक आयोजन के जरिए भी वोटरों भी साधने की कवायद की जा रही है। अब कमलनाथ अपने क्षेत्र छिंदवाड़ा में पं. प्रदीप मिश्रा की कथा करवाने की तैयारी कर रहे हैं।
जलसंसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने मदनमोहन महाराज की कथा करवाया था। कृषि मंत्री कमल पटेल ने जया किशोरी की भागवत कथा करवाई। पीडब्ल्यूडी मंत्री गोपाल भार्गव ने दिसंबर 2022 में गढ़ाकोटा में कथा करवाई। नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह अपने क्षेत्र में कथा करवा चुके हैं। राज्य मंत्री ओपीएस भदौरिया अपने क्षेत्र में कथा करवा चुके हैं। पूर्व मंत्री अर्चना चिटनिस भी पं. प्रदीप मिश्रा की कथा करवा चुके हैं। अशोकनगर विधायक जजपाल सिंह जज्जी पंडित धीरेंद्र शास्त्री की कथा करवा चुके हैं। गुना-अशोकनगर सांसद केपी यादव ने पं. प्रदीप मिश्रा की कथा करवाई।
कांग्रेस के दिग्गजों ने कराया आयोजन
जबलपुर पश्चिम विधानसभा से विधायक व पूर्व मंत्री तरुण भनोत ने जया किशोरी की कथा करवाई। विधायक व पूर्व मंत्री जीतू पटवारी भी पं. प्रदीप मिश्रा की कथा करवा चुके हैं। विधायक संजय शुक्ला पं. प्रदीप मिश्रा की कथा करवा चुके हैं। दमोह विधायक अजय टंडन ने पं. धीरेंद्र शास्त्री की कथा करवाई है। इस तरह दोनों की दल धार्मिक आयोजन करवा चुके हैं। यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।

