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फर्जी ऋण पुस्तिका से जमानत लेने का धंधा खूब फला फूला,पुलिस ने 150 ऋण पुस्तिका बरामद की, हिस्ट्रीशीटर सहित दो पर केस दर्ज

 फर्जी ऋण पुस्तिका से जमानत लेने वाले दो आरोपितों को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इसमें एक हिस्ट्रीशीटर बदमाश है। आरोपितों से 150 से ज्यादा फर्जी ऋण पुस्तिका मिली हैं। लंबे समय से फर्जी पुस्तिका से जमानत लेने का गोरखधंधा चल रहा था।

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मकड़ाई समाचार खंडवा। रेलवे मजिस्ट्रेट ने इस मामले में खुद जांच की।कोतवाली टीआई बलराम सिंह राठौर ने बताया कि धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज समेत अन्य धाराओं में आरोपीत महेश निनोरिया निवासी खेड़ापति हनुमान मंदिर के सामने और आनंदराम पिता गड़बड़ निवासी छिरवेल, छैगांवमाखन को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के घरों की तलाशी ली गई, जहां से पुलिस ने 150 से ज्यादा ऋण पुस्तिका बरामद की है। प्राथमिक जांच में पता चला कि आरोपित महेश हिस्ट्रीशीटर रहा है, उस पर कई मामले दर्ज हैं। महेश व आनंदराम का गिरोह लंबे समय से फर्जी ऋण पुस्तिका बनाने का धंधा कर रहा था। खुलासा तब हुआ जब उनकी ऋण पुस्तिका रेलवे मजिस्ट्रेट विष्णु प्रसाद सोलंकी की कोर्ट में पहुंची तो उन्हें शक हुआ। उन्होंने ऋण पुस्तिका की जांच की तो पता चला कि वह नकली है।

धाराओं के आधार पर जमानत का सौदा करते थे। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी में चलने वाले प्रकरणों में पांच से दस हजार रुपए तक लेते थे। जबकि, सत्र न्यायालय के प्रकरणों के लिए 20 से 50 हजार रुपयों की मांग की जाती थी। हाईकोर्ट में जमानत लेने के लिए एक से दो लाख रुपयों का रेट इन्होंने फिक्स कर रखा था। आरोपित गरीब किसानों को झांसे में लेकर उनसे हजार दो हजार रुपए में ऋण पुस्तिका लेकर तीन से चार जमानत करवा लेते थे। फिर उसी पुस्तिका के आगे के पेज फाड़कर दूसरे पेज व किसी अन्य का फोटो चिपकाकर फर्जी ऋण पुस्तिका तैयार कर लेते थे।