नई दिल्ली: किफायती उड़ान सेवाओं ने आम आदमी के लिए हवाई सफर सस्ता किया है लेकिन अपने यात्रियों को सम्मान देने में ये कम्पनियां पीछे रहती नजर आ रही हैं। खासकर इंडिगो और स्पाइसजैट के कर्मचारी यात्रियों के साथ बुरा बर्ताव करने में अव्वल आए हैं। आए दिन यात्रियों को इन कम्पनियों के कर्मचारियों के बुरे व्यवहार से रू-ब-रू होना पड़ता है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि पिछले 3 वर्षों में शायद ही कोई महीना बीता हो, जब किसी विमान यात्री ने दुर्व्यवहार की शिकायत न की हो। वहीं, कर्मचारियों के व्यवहार के मामले में गो-एयर का रिकार्ड सबसे बेहतर है। इस विमानन कम्पनी के कर्मचारियों के खिलाफ पिछले 3 साल में दुर्व्यवहार की एक भी शिकायत नहीं आई है।
जनवरी 2016 से अक्तूबर 2018 तक विमानन कम्पनियों के कर्मचारियों द्वारा यात्रियों से बुरा व्यवहार किए जाने की सबसे अधिक 306 शिकायतें स्पाइसजैट को लेकर मिलीं। 2016 में स्पाइसजैट के कर्मचारियों के दुर्व्यवहार का आलम यह था कि एक ही महीने में 22 शिकायतें तक दर्ज की गईं। कम्पनी इंडिगो के कर्मचारियों के खिलाफ जनवरी 2016 से अक्तूबर 2018 तक कुल 82 शिकायतें दर्ज की गईं। इसमें से जनवरी 2016 को छोड़ दें तो एक भी महीना ऐसा नहीं बीता, जब इस कम्पनी के किसी कर्मचारी के खिलाफ कोई शिकायत दर्ज न की गई हो। वहीं एयर एशिया के कर्मचारियों के खिलाफ दुर्व्यवहार की कुल 12 शिकायतें मिलीं जिनमें से 11 अकेले 2017 में रहीं। वर्ष 2016 में कम्पनी के कर्मचारियों के खिलाफ एक भी शिकायत नहीं मिली थी। 2018 में एक शिकायत मिली है।–
आपके साथ भी ऐसा हो, तो क्या करें?
अगर आप भी कभी विमानन कम्पनियों के कर्मचारियों द्वारा दुर्व्यवहार के शिकार हों तो आप इसकी शिकायत सीधे संबंधित विमानन कम्पनी को दर्ज कराएं। नियमानुसार सभी विमानन कम्पनियों को यात्रियों की शिकायतें सुनने एवं उन्हें दूर करने के लिए एक नोडल आफिसर एवं अपीलीय अधिकारी की नियुक्ति करना जरूरी है। यात्री अपनी शिकायत नागरिक उड्डयन मंत्रालय के एयरसेवा एप या पोर्टल पर भी दर्ज करा सकते हैं।

