आरोपी ने वारदात को अंजाम देने के वाद मासूम के शव को जंगल मे फेंक दिया था
मकड़ाई एक्सप्रेस ईटारसी : रिश्तों को कलंकित कर अपनी नाबालिग भतीजी के साथ दुष्कर्म और हत्या के आरोपी पर अपराध सिद्ध होने पर इटारसी न्यायालय ने फांसी की सजा सुनाई है. इटारसी के विधिक इतिहास का यह पहला मामला है जहां 21 दिन में न्यायालय ने मामले की सुनवाई को पूरा कर सजा सुनाई हो. द्वितीय सत्र न्यायाधीश सविता जडिया की अदालत ने फांसी की सजा का ऐलान किया है. आदिवासी अंचल केसला के जंगल में एक नाबालिग के साथ उसके ही फूफा ने दुष्कर्म करने के बाद पहचान छुपाने के लिए उसकी हत्या बीते वर्ष 18 नवंबर को कर दी थी| पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया प्रकरण की सुनवाई करते हुए न्यायालय ने आरोपी राहुल कवड़े को हत्या, बलात्कार सहित पास्को एक्ट की धारा में सजा सुनाते फांसी की सजा से दंडित किया है|
रिश्तों को शर्मसार करने वाले इटारसी के इस मामले में आरोपी मासूम को चॉकलेट देने के बहाने बहलाकर अपने साथ ले गया था जिसके बाद उसने वारदात को अंजाम दिया.आरोपी ने वारदात को अंजाम देने के वाद मासूम के शव को जंगल मे फेंक दिया था जिसे रात भर की सर्चिंग के बाद पुलिस ने बरामद किया था.
21 दिनों में सुनवाई कर आरोपी को सजा से दंडित किया
न्यायालय में प्रकरण की पैरवी जिला अभियोजन अधिकारी राजकुमार नेमा ने की. उन्होंने बताया कि इटारसी के विधिक इतिहास का यह पहला मामला है जहां 21 दिनों में सुनवाई कर किसी आरोपी को फांसी की सजा से दंडित किया गया है. जिसमें बाकायदा 122 दस्तावेज, 34 गवाह केस में अभियोजन द्वारा 34 साक्षियों का परीक्षण कराकर 122 दस्तावेजों को प्रमाणित को करा कर 21 दिवस की कुल विचारण अवधि में प्रकरण का त्वरित निराकरण करवाया है.
सजा का विवरण
न्यायालय द्वितीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश इटारसी द्वारा 376 एबी में मृत्युदण्ड एवं 5000 रूपये जुर्माना, 376 2 बी में आजीवन कारावास एव 5000 जुर्माना, 302 भादवि में मृत्युदंड 5000 रूपये जुर्माना, 363 भादवि में 03 वर्ष का कारावास एवं 1000 रूपये जुर्माना, 5एम/6 में मृत्युदंड एवं 5000 रूपये जुर्माना, 5एन/6 में मृत्युदंड एवं 5000 रूपये जुर्माना से दण्डित किया गया. साथ ही मृतिका के माता-पिता को प्रतिकर राशि 5-5 लाख रुपये प्रतिकर दिलाये जाने का आदेश भी दिया है|