मकड़ाई समाचार हरदा। देश की राजधानी की सीमाओं पर पिछले 91 दिनों से अपनी दो मांगो को लेकर संघर्षरत है। जिसमे अभी तक 250 से ज्यादा हमारे किसान शहीद हो चुके है। फिर भी केंद्र की मोदी सरकार अपने हट में बैठी हुई है। कृषि प्रधान देश होते हुए भी देश के अन्नदाता को अपने हक ओर अधिकार के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है जो कि देश के लिए बेहद शर्म की बात है। संयुक्त किसान मोर्चा दिल्ली द्वारा निर्णय लिया गया कि पगड़ी संभाल दिवस के रूप में बनाया जाएगा। शहीद भगत सिंह के चाचा एवं पगड़ी संभाल आंदोलन के संस्थापक अजित सिंह की याद में किसानों के आत्मसम्मान में इस दिन को बनाया जाएगा। इसी क्रम मे आज संयुक्त किसान मोर्चा हरदा द्वारा ग्राम चारखेड़ा में पगड़ी संभाल दिवस बनाया गया। किसानों को 1907 में हुए पगड़ी संभाल आंदोलन के बारे में जानकारी दी। 1907 में अंग्रेज हुकूमत द्वारा किसान विरोधी तीन कानून लाये गए थे। नया कालोनी एक्ट, जिसके तहत किसानों की ज़मीन जब्त हो सकती थी, बढ़ा हुआ मालिया (राजस्व) और बारी दोआब नहर के पानी के बढ़े हुए दर। जिसके विरोध में सरदार अजित सिंह ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ बड़ा आंदोलन पगड़ी संभाल जट्टा चलाया जो 9 महीने चला जिसके आगे अंग्रेजी हुकूमत को झुकना पड़ा ओर किसान विरोधी कानून वापस करने पड़े।
इनका कहना है-
राम इनानिया – जिस प्रकार सरदार अजित सिंह ने पगड़ी संभाल जट्टा आंदोलन चलाया ओर अंग्रेजी हुकूमत को झुकाया उसी प्रकार आज का किसान भी अपने हक ओर अधिकार इन काले अंग्रेजों से लेकर रहेगा।
शैलेन्द्र वर्मा – जिस प्रकार अंग्रेजों ने किसानों का शोषण किया उसी प्रकार मोदी सरकार भी किसानों का शोषण करने में लगी हुई है।

