jhankar
ब्रेकिंग
एमडी ड्रग्स मामले में हंडिया पुलिस की कार्रवाई, सह-आरोपी गिरफ्तार न्यायालय परिसर में लगा वृहद स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, 37 लोगों की हुई जांच ढोलगांव कला में बिजली विभाग की लापरवाही से हादसे का खतरा, ग्रामीणों की जागरूकता से बची गौवंश की जान शहर में गूंजा जय श्रीराम, राम फेरी ने मनाया 15वां स्थापना दिवस बुजुर्ग भक्तों का सम्मान कर लिया आशी... बारंगा में दुपट्टा पहनाने के बाद गरमाई आदिवासी सियासत, भाजपा में शामिल होने की चर्चा पर आया स्पष्टीक... हंडिया बस स्टैंड पर अतिक्रमण का नया मामला: दुकान के सामने टप, जमघट और गांजा पीने के आरोप! हरदा में पंचायत उप-निर्वाचन 2026 के लिए खिरकिया विकासखण्ड के 4 मतदान केंद्रों के भवनों में किया बदला... हरदा में IFMIS की तकनीकी समस्याओं के निराकरण के लिए हर गुरुवार लगेगा हेल्पडेस्क शिविर आज का सुविचार जीवन में सबसे बड़ी जीत किसी और को हराना नहीं, बल्कि खुद की कमजोरियों पर जीत पाना है। आज 18 सितंबर 2026 - मध्य प्रदेश का मौसम अपडेट

सपा नेता की 26 साल की बेटी के साथ भागा 47 साल का BJP महामंत्री, किसी और से होने वाली थी शादी…

12 जनवरी को पार्टी के कार्य में निष्क्रियता एवं पार्टी की रीति-नीति के विपरीत आचरण के कारण उन्हें पार्टी के उत्तरदायित्व से मुक्त कर दिया गया

LOVE STORY : उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में समाजवादी पार्टी के एक नेता की 26 वर्षीय बेटी से 47 साल के बीजेपी नेता को प्यार हो गया है। प्यार इस कदर परवान चढ़ा कि दोनों भाग गए। वहीं सपा नेता का आरोप है कि बीजेपी नेता बेटी को बहला-फुसलाकर ले गया है। मामले में पीड़ित पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

चर्चा है कि सपा नेता की बेटी और भाजपा नेता के बीच काफी समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। सपा नेता की बेटी की शादी तय हो गई है। बेटी की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान दोनों घर से फरार हो गए। कोतवाली शहर के मोहल्ला निवासी आशीष शुक्ला के करीब 21 साल का एक बेटा और सात साल की एक बेटी है।

- Install Android App -

उस पर अपने पड़ोस में रहने वाले एक सपा नेता की 26 वर्षीय बेटी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने का आरोप है। यह घटना एक सप्ताह पूर्व की बताई जा रही है। हालांकि बीजेपी ने 12 जनवरी को आशीष शुक्ला को पार्टी से निकाल दिया।

फरार बीजेपी नेता को पार्टी ने हटाया

भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी गंगेश पाठक ने बताया कि आशीष शुक्ला पार्टी के शहर महासचिव थे। 12 जनवरी को पार्टी के कार्य में निष्क्रियता एवं पार्टी की रीति-नीति के विपरीत आचरण के कारण उन्हें पार्टी के उत्तरदायित्व से मुक्त कर दिया गया। पद के साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता भी रद्द कर दी गई। पुलिस उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है।