सरकारी नौकरी के लिए लोगों में क्यों हाय-तौबा मची रहती है, इसका खुलासा गाहे-बगाहे होता रहता है. काम ढेला भर का नहीं और भ्रष्टाचार के जरिए इतनी रकम जुटा लेते हैं कि सात पीढ़ी को कमाने की जरूरत नहीं पड़ती. ऐसा ही वाकया बिहार में देखने को मिला…
पटना। ड्रग इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार के ठिकानों पर जब निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने शनिवार को छापेमारी की तो अधिकारियों की आंखें फटी रह गए। छापेमारी के दौरान घर में बोरे, पलंग, कार्टून में इतनी नकद भरकर रखी थी, जिसे गिनते-गिनते अधिकारी तो थक ही गए, मशीन तक खराब हो गई। जब्त रकम करीबन तीन करोड़ रुपये बताई जा रही है, इसके अलावा 38 लाख से अधिक के सोने-चांदी के आभूषण, कई बेनामी फ्लैट, जमीन व मकान और इंश्योरेंस पॉलिसीज का पता चला है।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने ड्रग इंस्पेक्टर के खिलाफ निगरानी थाने में 1.59 करोड़ रुपये आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कराते हुए छापेमारी शुरू की। जांच के दौरान ड्रग इंस्पेक्टर के सुलतानगंज थाना क्षेत्र के मलेरिया ऑफिस के समीप खान मिर्जा मुहल्ले में स्थित आवास पर बोरे, दीवान-पलंग और कार्टून में छिपा कर बड़ी मात्रा में रखी गई नकदी बरामद हुई। दो हजार और पांच सौ रुपये के इन नोटों को गिनने के लिए मंगाई गई करेंसी मशीन खराब हो गई, जिसके बाद अधिकारियों ने उच्चाधिकारियों से बैंककर्मी को भेजने का आग्रह किया।
नकदी के अलावा आवास पर 36.49 लाख रुपये मूल्य का पौने एक किलो सोना, तीन किलो चांदी और 12 हजार रुपए का हीरा जब्त मिला। तलाशी के दौरान पटना, गया जिले के फ्लैट का पता चला, जिससे बेनामी संपत्ति होने की आशंका जताई जा रही है। इसके अलावा विभिन्न बैंक तथा वित्तीय संस्थानों में निवेश से संबंधित पासबुक तथा कागजात और जमीन-फ्लैट की खरीद से संबंधित कागजात जब्त किया गया है। यही नहीं 19 लाख रुपए मूल्य के तीन कार और एक बुलेट भी पाए गए।

