हरदा/खरगोन : बड़वाह के पास अनियंत्रित होकर पलटी बस, हादसे में हरदा के दो युवकों की मौत, गांव में शोक की लहर
मकड़ाई समाचार हरदा/खरगोन। मकर संक्रांति के दिन रविवार को बड़वाह के पास इंदौर से खंडवा जा रही बस पलटने से महिला सहित तीन लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे में करीब 50 लोग घायल हुए थे। इसमें से 47 घायल अस्पताल आए थे। इनमें से 12 को इंदौर रेफर किया गया था। इस हादसे में श्रवण पिता राधेश्याम, रविप्रसाद राजाराम गाठिया और निर्मलाबाई मेहर की मौत हो गई थी। सोमवार को तीनों का पोस्टमार्टम किया गया।
बस में सवार हरदा जिले का श्रवण अपने छह साल के बेटे के साथ संक्रांति मनाने इंदौर से खंडवा जिले में अपनी ससुसाल जा रहा था। रविप्रसाद राजाराम गाठिया निवासी जयमलपुरा, थाना छीपाबड़ (जिला हरदा) अपने माता-पिता व दिव्यांग भाई के लिए राशन की व्यवस्था करने जा रहा था। इस हादसे में दोनों ने जान गंवा दी।
इस घटना के बाद परिजनों में काफी आक्रोश है। उनका कहना है कि हादसे के जिम्मेदार बस चालक व मालिक दोनों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। पुलिस ने इस मामले में बस चालक के खिलाफ लापरवाहीपूर्वक गाड़ी चलाने पर केस दर्ज कर लिया है।
परिवार की रीढ़ था रवि
रवि के मामाजी दुर्गाप्रसाद ने बताया कि इंदौर में एक निजी कम्पनी में काम करने वाला रवि हरदा जिले के जयमलपूरा का रहने वाला था। वह इंदौर में अपनी पत्नी व डेढ़ साल की बच्ची के साथ रहता था। उसके माता-पिता व दिव्यांग भाई जयमलपुरा में रहते हैं। इनकी देखरेख की जिम्मेदारी रवि पर ही थी। रविवार को कंपनी की छुट्टी होने पर वह अपने घर जा रहा था, ताकि महीने का राशन ला सके। घर वालों काे कुछ पैसा दे सके। इस हादसे में उसकी जान चली गई।
इंदौर में दुकान पर काम करने वाला श्रवण अपने छह साल के बच्चे शिवांश के साथ खंडवा जिले के छैगांव माखन के निकट सेनुद गांव जा रहे थे। वे अपने ससुराल में संक्रांति मानाने के लिए जा रहा थे। हादसे में श्रवण की मौत हो गई। बाप की मौत से अनजान शिवांश बार-बार अपने पिता को तलाश रहा है। घटना की जानकारी लगने पर हरदा जिले के खिरकिया के बोरी सराय में रहने वाली दादी व इंदौर से श्रवण की पत्नी बड़वाह अस्पताल पहुंची।

