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MP News : नर्मदा किनारे से 45 अजगर पकडे़ 8 से 13 फीट लंबे और 15 से 22 किलो वजनी

मकड़ाई एक्सप्रेस 24 धार|  सुसारी  नर्मदा नदी के बैक वाटर में विभिन्न प्रकार के जलीय जीव जंतु पनप रहे हैं। क्योकि तटीय क्षेत्रो में रेत माफिया द्वारा लगातार रेत का दोहन किए जाने से जलीय जीव जंतु धीरे धीरे बैक वाटर की ओर जा रहे है। जहां पर नर्मदा का जल स्तर अधिक होता है। मगर वहां ये किनारे पर जाकर रहवासी क्षेत्रो में घुस जाते है। ऐसे विगत एक माह में नर्मदा किनारे बैक वाटर क्षेत्र में 15 सितंबर से अभी तक 45 अजगर पकडे़ गए है। इसमें 8 से 13 फीट लंबे और 15 से 22 किलो वजनी अजगर का रेस्क्यू किया गया।
अजगर के रेस्क्यू में वन विभाग की टीम के वन रक्षक राकेश तवर, डही बीट के विशाल असाड़े, कवड़ा बीट के पुष्पेंद्र चमका, कातरखेड़ा बीट के राजेंद्र मंडलोई व धरमराय बीट के नानूराम अलावा ने 36 अजगर तथा वन्य जीव रेस्क्यू  कपिल गोस्वामी ने 9 अजगर का रेस्क्यू किया।
अजगर को पकड़ने के लिए वन परिक्षेत्र में काफी सीमित संसाधन हैं। इसके कारण काफी परेशानी होती है। वहीं इस कार्य में काफी कम वन रक्षक आगे आते हैं। आसपास घना वन नहीं होने के कारण अजगर को पकड़ने के बाद छोड़ने के लिए जिले के मांडू, टांडा और बड़वानी जिले के जंगल में जाना होता है। वह भी बाइक से। इसमें काफी असुविधा होती है।