jhankar
ब्रेकिंग
हंडिया बस स्टैंड पर अतिक्रमण का नया मामला: दुकान के सामने टप, जमघट और गांजा पीने के आरोप! हरदा में पंचायत उप-निर्वाचन 2026 के लिए खिरकिया विकासखण्ड के 4 मतदान केंद्रों के भवनों में किया बदला... हरदा में IFMIS की तकनीकी समस्याओं के निराकरण के लिए हर गुरुवार लगेगा हेल्पडेस्क शिविर आज का सुविचार जीवन में सबसे बड़ी जीत किसी और को हराना नहीं, बल्कि खुद की कमजोरियों पर जीत पाना है। आज 18 सितंबर 2026 - मध्य प्रदेश का मौसम अपडेट दिल्ली में 17 साल की नाबालिग की हत्या, दुष्कर्म का मामला दर्ज; पुलिस ने 4 आरोपियों को पकड़ा सनकी प्रेमी ने प्रेमिका के घर फेंका पेट्रोल बम, शादी तय होने से था नाराज हरदा जिले की खास खबरे विश्वकर्मा पूजन दिवस पर गूंजे जयकारे, हरदा में निकली भव्य शोभायात्रा भोपाल में पुलिसकर्मियों पर हमला, नशे में धुत्त तीन बदमाशों ने बीच सड़क की मारपीट

2 करोड़ रिश्वत मांगने वाली महिला ASP गिरफ्तार, ACB की टीम की भनक लगते ही, 50 लाख रिश्वत लेने नहीं आया दलाल

परिवादी के हाईवे पर पहुंचने से पहले सुमित तेजी से दो बार लग्जरी कार दौड़ाते हुए आया और आगे निकल गया

जयपुर। दो करोड़ रिश्वत मांगने के आरोप में ACB ने अजमेर एसओजी चौकी प्रभारी ASP दिव्या मित्तल को सोमवार देर शाम को गिरफ्तार कर लिया। मित्तल ने दलाल सुमित विश्नोई (बर्खास्त कांस्टेबल) के जरिए आगरा निवासी व हरिद्वार की जेपीपीई ड्रग्स दवा निर्माता कंपनी के मालिक विकास अग्रवाल से अजमेर में दर्ज एनडीपीएस प्रकरण में मदद करने की कहकर 2 करोड़ रुपए की रिश्वत मांगी थी। परिवादी ने इतनी बड़ी रकम देने से मना कर दिया तो एएसपी ने 50 लाख रुपए में सौदा तय किया था।

अधिकारी को पहले ही लग गई थी कार्रवाई की भनक
मिली जानकारी के अनुसार एसीबी दलाल को रिश्वत लेते पकड़ती, उससे पहले ही दलाल और एएसपी को भनक लग गई और रिश्वत की राशि लेने से पहले ही दलाल भाग गया। तब एसीबी ने रिश्वत मांगने का मामला दर्ज किया। एडीजी दिनेश एमएन ने बताया कि गिरफ्तार एएसपी (वर्ष 2010 बैच की आरपीएस) मित्तल दो वर्ष से अजमेर एसओजी चौकी प्रभारी थी।

- Install Android App -

एसीबी में की थी शिकायत
पीडि़त 4 जनवरी को एसीबी मुख्यालय पहुंचा और शिकायत दी कि अजमेर के रामगंज थाने में वर्ष 2021 में नशीली दवा का एक मुकदमा दर्ज हुआ। उसमें अनुसंधान अधिकारी मित्तल ने परिवादी को नोटिस जारी कर 3 जनवरी को बुलाया। परिवादी मर्सिडीज से एएसपी के कार्यालय में 3 जनवरी को पहुंचा। मित्तल ने परिवादी को तीन-चार घंटे बैठाए रखा। परिवादी को उदयपुर रोड पर जाने की कहकर भेज दिया और कहा कि उसके पास एक फोन आ जाएगा। फोन करने वाला जैसा कहे, वैसा ही करना।

रिश्वत की राशि लेने नहीं आया

एएसपी शेखावत ने बताया कि 12 जनवरी को सुमित ने परिवादी को कॉल कर शाम चार-पांच बजे तक अजमेर पहुंचने के लिए कहा। शाम को परिवादी को अजमेर हाईवे पर बुलाया। एसीबी टीम वहां पहले से ही तैनात थी। परिवादी के हाईवे पर पहुंचने से पहले सुमित तेजी से दो बार लग्जरी कार दौड़ाते हुए आया और आगे निकल गया। परिवादी वहां पहुंचा तो सुमित रिश्वत की राशि लेने नहीं आया। शक होने पर आरोपित सुमित भाग गया। तब एसीबी ने रिश्वत मांगने का मामला दर्ज किया।