भोपाल। मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों में कफ सिरप कोल्ड्रिफ पीने से अब तक 23 बच्चों की मौत हो चुकी है। इस मामले ने पूरे देश में हड़कंप मचाया हुआ है। इस पूरे मामले के बीच मध्य प्रदेश में स्टेट फॉर्मेसी काउंसिल ने नए नियम जारी किए हैं। प्रदेश में अब मेडिकल स्टोर पर फार्मासिस्ट ही दवा देंगे। अगर किसी भी मेडिकल स्टोर पर गैर पंजीकृत व्यक्ति द्वारा दवा बेची जाएगी तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बिना फार्मासिस्ट के मेडिकल स्टोर पर दवाई नहीं
स्टेट फॉर्मेसी काउंसिल की ओर से जारी निर्देश के मुताबिक अगर बिना फार्मासिस्ट मेडिकल स्टोर चलाया गया तो 3 महीने की जेल होगी। इतना ही नहीं 2 लाख रुपए तक जुर्माना भी भरना होगा। यह चेतावनी मेडिकल स्टोर, अस्पताल और काउंसिल के लिए जारी की गई है।
3 महीने की जेल
मध्य प्रदेश की दवाई दुकानों पर अब अगर बिना पंजीकृत फार्मासिस्ट के दवा बेची जाएगी तो कड़ा एक्शन लिया जाएगा। जानकारी के मुताबिक प्रदेश की मेडिकल दुकानों में बिना फार्मासिस्ट के दवा बेचते हुए पाए जाने पर फार्मेसी अधिनियम 1948 की धारा 42 और जन विश्वास (संशोधन) अधिनियम 2023 के तहत कार्रवाई होगी। अगर कोई भी मेडिकल शॉप बिना फार्मासिस्ट मेडिकल स्टोर चलाया तो आरोपी को 3 महीने की जेल होगी। साथ ही दो लाख रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा।

