ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिला न्यायालय ने अपने नाना समेत अन्य परिजनों को मैगी में नींद की गोलियां मिलाकर खिलाने वाली नातिन को गैर इरादतन हत्या के मामले में सजा सुनाई है। उसे जिला न्यायालय से न्यायिक अभिरक्षा में सेंट्रल जेल भेज दिया गया है। काजल नाम की यह लड़की घर से कीमती सामान लेकर भाग निकली थी। बीमार नाना ने घटना के तीन दिन बाद ही दम तोड़ दिया था।
प्रेमी को दोष मुक्त किया
इस मामले में जिला न्यायालय ने आरोपी नातिन काजल को 7 साल के सश्रम कारावास की सजा से दंडित किया है, जबकि उसके प्रेमी को दोष मुक्त कर दिया है। काजल अपने प्रेमी के साथ घर का सामान लेकर भाग निकली थी। भागने से पहले उसने मैगी में नींद की गोलियां बडी मात्रा में मिलाकर नाना को खिला दी थीं। जिससे वह भी बेहोश हो गई। काजल ने अपने मामा सोनू को भी यह मैगी खिलाई थी, लेकिन वह किसी तरह बच गए थे। लेकिन नाना किशन लाल हृदय रोग और टीबी से पीड़ित थे। नींद की गोलियों ने उन पर व्यापक असर किया और उनकी मौत हो गई।
गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था
घटना सिरोल थाना क्षेत्र की थी। घटना के बाद पुलिस ने इस पूरे मामले की जांच की और उसके बाद काजल को गिरफ्तार कर लिया था। काजल ने पुलिस को बताया कि उसने मैगी में एक दर्जन से अधिक नींद की गोलियां मिलाई थी और उसके बाद उसने यह मैगी अपने नाना और मामा को खिलाई थी, लेकिन इस घटना के तीन दिन बाद उसके नाना की मौत हो गई थी। काजल के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।

