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बिलकिस बानो के साथ सामूहिक सामूहिक दुष्कर्म के दोषी 11 लोगों की रिहाई

नई दिल्ली|गुजरात दंगों के दौरान बिलकिस बानो के भीषण सामूहिक बलात्कार को लेकर गाना बनाने वाले संगीतकार रब्बी शेरगिल ने इस अपराध के दोषी 11 लोगों की रिहाई की कड़ी आलोचना की है| उन्होंने एनडीटीवी के शो  में कहा, “मैं बिलकिस से कहना चाहता हूं, पंजाब आओ, हम खून की आखिरी बूंद तक तुम्हारी रक्षा करेंगे. सरदार तुम्हारा ख्याल रखेंगे और यह सिर्फ मेरे समुदाय के बारे में नहीं है. मैं व्यक्तिगत रूप से उसे गले लगाना चाहता हूं और उसे बताना चाहता हूं कि वह दर्द हमारा दर्द है और वह अकेली नहीं है.” रब्बी शेरगिल ने कहा कि न्यायपालिका और राजनेताओं ने लोगों को अकेला छोड़ दिया है|गिल ने कहा, “लगभग सभी के लिए यही मेरा संदेश है और मोटे तौर पर संदेश यह है कि कृपया न्याय की परवाह करना शुरू करें. क्योंकि अगर हम ऐसा नहीं करते हैं, तो हम अपने समाज को खोखला कर देते हैं. हमारे पास नायक नहीं है.”

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उन्होंने कहा, “हमारे देश में नैतिकता का संकट है, नेतृत्व का संकट है. मेरी पीढ़ी और मीडिया को एक कदम आगे आना चाहिए. न्यायपालिका और राजनेता ने हमें अकेला छोड़ दिया है और हमारे पास केवल एक-दूसरे हैं.”

गौरतलब है कि 15 अगस्त को, जब भारत स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहा था, तभी 2002 के बिलकिस बानो के सामूहिक बलात्कार और गुजरात दंगों के दौरान उसके परिवार के सात सदस्यों की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे सभी 11 दोषियों को गोधरा उप-जेल से रिहा कर दिया| उनकी रिहाई की अनुमति राज्य की भाजपा सरकार ने अपनी छूट नीति के तहत दी, जिसकी विपक्षी दलों और देश के नागरिकों ने कड़ी आलोचना की. 21 जनवरी, 2008 को मुंबई की एक विशेष सीबीआई अदालत ने दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. बाद में बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी उनकी सजा को बरकरार रखा|सुप्रीम कोर्ट द्वारा राज्य की 1992 की छूट नीति के तहत राहत के लिए दोषियों की याचिका पर विचार करने के लिए सरकार को निर्देश देने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया. भाजपा से जुड़े लोगों ने मिठाई खिलाकर, माला पहनाकर और गले लगाकर उनका स्वागत किया.