हंडिया।हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी धार्मिक नगरी में श्री राम जानकी मंदिर से माता यशोदा का विमान डोल ग्यारस पर भजन कीर्तन व विद्युत साज-सज्जा के साथ भव्य रूप से पूरे नगर में भ्रमण करते हुए।
मां नर्मदा के प्राचीन पवित्र सड़क घाट पर पहुंचा जहां पंडित श्री लक्ष्मण तिवारी द्वारा मां यशोदा का जलवा पूजन कराया गया एवं आरती कर वापसी के दौरान घरों घर महिलाओं ने विमान में विराजमान मां यशोदा की चावल बादाम खारक मेवे आदि से गोद भरी एवं पूजन आरती कर सुख समृद्धि की कामना की।
पंडित श्री तिवारी ने बताया कि आज की एकादशी को और भी कई नामों से जाना जाता है,जैसे जलझूलनी एकादशी,परिवर्तनीय एकादशी पदमा एकादशी जैसे कई नामों से भी जाना जाता है।
,श्री तिवारी ने कहा कि पुराण के अनुसार आज भगवान विष्णु अपनी शयन सैया पर करवट बदलते हैं,आज के दिन झूला झुलाकर जल देकर बाल कृष्ण की पूजा करते हैं। इसी कारण इसे जलझूलनी एकादशी भी कहा जाता है। डोल ग्यारस के पवित्र पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की सेवा सुरक्षा और सहायता के लिए डोल के साथ पूरे रास्ते और मां नर्मदा के प्रमुख तटों पर पुलिस वल मौजूद रहा।

