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Jabalpur News: एक सैकड़ा से अधिक युवा इंजेक्शन से नशा करने वाले HIV के शिकार !

सस्ता नशा बुझती हुई जिंदगी…..

इंजेक्शन से नशा करने वाले एचआइवी संक्रमण के हाई रिस्क समूह में आते हैं। मप.के सभी जिलों में नशे के सौदागर सक्रिय है जो किशोर और युवाओ को नशे की लत लगा रहे हैं|  ग्रामीण से लेकर शहरी क्षेत्रो मे इनकी सकियता हैं। नशे के काले कारोबार में नए नए तरीको से युवाओ को नशा बेचा जा रहा है। जबलपुर में इंजेक्शन से नशा करने की उमंग युवाओ मे आ रही है जिसके कारण उनमें एचआईवी के लक्षण नजर आ रहे है।

मकड़ाई एक्सप्रेस 24 जबलपुर : जिले में 120 से ज्यादा युवा एचआइवी संक्रमण के शिकार हो गए हैं, जिन्होंने इंजेक्शन से नशा किया था। यह सच्चाई ओएसटी केंद्र में उपचार के लिए पहुंचने पर सामने आई। इन युवाओं को विक्टोरिया अस्पताल के ओएसटी सेंटर और मेडिकल कालेज अस्पताल के एआरटी एंटी रेट्रोवायरल थेरेपी सेंटर में इलाज किया जा रहा है। विक्टोरिया अस्पताल के ओएसटी सेंटर में प्रतिदिन इंजेक्शन से नशा करने वाले 150-200 लोगों को दवाएं दी जाती हैं।

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चिकित्सकों का कहना है कि इन युवाओं में एचआइवी संक्रमण का कारण नशा करने के दौरान सिरिंज और निडिल का अव्यवस्थित उपयोग हो सकता है। जबलपुर में कई दवा विक्रेता ऐसे अवैध इंजेक्शन के व्यापार में शामिल हैं, जो नशे के तौर पर इस्तेमाल हो रहे हैं।

इन नशेड़ियों तक आसानी से नशे के इंजेक्शन पहुंचा रहा है। पुलिस ने इस पर नियमित रूप से कार्रवाई की है, लेकिन औषधि विभाग विक्रेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने में सक्षम नहीं है। इसके परिणामस्वरूप, इंजेक्शन के नशे का अवैध व्यापार बढ़ता ही जा रहा है, और जिले में नशे के इंजेक्शन का गलत उपयोग करने वाले नशेड़ियों की संख्या में वृद्धि हो रही है।

विक्टोरिया अस्पताल के ओएसटी सेंटर में इंजेक्शन से नशा करने वालों का उपचार किया जाता है। सेंटर में 600 से ज्यादा नशेड़ी पंजीकृत हैं जिनमें युवाओं की संख्या ज्यादा है। सेंटर में दवा खिलाने के साथ ही नशेड़ियों की काउंसलिंग की जाती है ताकि नशा छोड़कर वे समाज की मुख्य धारा से जुड़ सकें। इंजेक्शन से नशा करने वाले एचआइवी संक्रमण के हाई रिस्क समूह में आते हैं।