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सोयाबीन MSP खरीदी: 25 सितंबर से शुरू होगी पंजीयन प्रक्रिया, यहां जाने जरूरी दस्तावेज की जानकारी

सोयाबीन MSP खरीदी: मध्यप्रदेश के किसान भाईयों के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य में सोयाबीन की MSP (Minimum Support Price) पर खरीदी के लिए पंजीयन प्रक्रिया 25 सितंबर 2024 से शुरू होने जा रही है। प्रदेश में सोयाबीन का उत्पादन देश के कुल उत्पादन का लगभग 42% है, लेकिन लंबे समय से किसानों को इसका उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा था, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा था।

किसानों की समस्याओं को देखते हुए, राज्य सरकार ने केंद्र से MSP पर सोयाबीन की खरीदी के लिए मंजूरी मांगी थी, जिसे जल्द ही स्वीकृति मिल गई। अब, सरकार सोयाबीन की सरकारी खरीदी करेगी ताकि किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिल सके।

इस साल सोयाबीन का समर्थन मूल्य क्या होगा?

वित्तीय वर्ष 2024-25 में सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य 4892 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया है। पिछले साल यह मूल्य 4600 रुपए प्रति क्विंटल था। इस साल भी इसी मूल्य पर किसानों से खरीदी की जाएगी। सोशल मीडिया पर कुछ फर्जी जानकारी वायरल हुई थी जिसमें बताया जा रहा था कि यह मूल्य 800 रुपए बढ़कर 5692 हो गया है, लेकिन यह गलत है। वास्तविक समर्थन मूल्य 4892 रुपए प्रति क्विंटल ही रहेगा।

कितनी मात्रा में होगी सोयाबीन की खरीदी?

सरकार ने यह फैसला किया है कि एक किसान से उसकी कुल उपज का 40% तक ही सोयाबीन खरीदा जाएगा। इसका मतलब है कि किसान अपनी उपज का एक निर्धारित हिस्सा ही MSP पर बेच सकेंगे। राज्य में खरीदी केंद्रों की स्थापना जिला स्तर पर होगी, जहां किसानों से उनकी उपज की खरीदी की जाएगी। खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार की ‘पीएसएस’ (Price Support Scheme) के अंतर्गत ‘फेयर एवरेज क्वालिटी’ (FAQ) मानकों का पालन किया जाएगा।

पंजीयन की तारीख और खरीदी का समय

सोयाबीन खरीदी के लिए किसान 25 सितंबर 2024 से 15 अक्टूबर 2024 तक पंजीयन करा सकेंगे। इसके बाद, 25 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2024 तक राज्यभर में खरीदी प्रक्रिया चलेगी। यह खरीदी राज्य के विभिन्न जिलों में स्थापित किए गए केंद्रों पर होगी, जहां नेफेड और एनसीसीएफ जैसी केंद्रीय संस्थाएं मार्कफेड के माध्यम से खरीदारी करेंगी।

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पंजीयन के लिए आवश्यक दस्तावेज

सोयाबीन की MSP पर खरीदी के लिए पंजीयन करवाने के लिए किसानों को कुछ जरूरी दस्तावेज रखने होंगे। इन दस्तावेजों में शामिल हैं

  • आधार कार्ड
  • बैंक पासबुक

इन दस्तावेजों के साथ, किसान नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या एमपी ऑनलाइन सेंटर पर जाकर अपना पंजीयन करवा सकते हैं। पंजीयन के दौरान किसान को आधार नंबर और बैंक खाते की जानकारी देनी होगी। जैसे ही आधार नंबर दर्ज किया जाएगा, किसान के मोबाइल पर ओटीपी आएगा, जिसे दर्ज करने पर उनकी खेती और फसल से जुड़ी जानकारी पोर्टल पर दिखाई देगी।

खरीदी प्रक्रिया कैसे होगी?

जैसे ही किसान पंजीयन प्रक्रिया पूरी कर लेते हैं, उन्हें निर्धारित तारीखों में अपनी उपज को खरीदी केंद्रों पर लेकर जाना होगा। वहां पर FAQ मानकों के अनुसार सोयाबीन की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। सरकार द्वारा निर्धारित मानकों पर खरीदे गए सोयाबीन का भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर किया जाएगा। इसके साथ ही, राज्य वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन द्वारा उपलब्ध कराए गए गोदामों में उपज का भंडारण किया जाएगा।

खरीदी एजेंसियां

मध्यप्रदेश में सोयाबीन की खरीदी केंद्रीय एजेंसियां जैसे नेफेड और एनसीसीएफ करेंगी। इन एजेंसियों द्वारा राज्य की मार्कफेड को नोडल एजेंसी नियुक्त किया गया है, जो खरीदी की पूरी प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाएगी। इसके बाद, किसानों को उनकी उपज का भुगतान जल्द से जल्द किया जाएगा ताकि वे आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें।

मध्यप्रदेश में सोयाबीन की खरीदी के लिए 25 सितंबर 2024 से पंजीयन शुरू हो रहा है, जो किसानों के लिए एक बड़ी राहत है। किसानों को उचित मूल्य पर अपनी उपज बेचने का यह सुनहरा मौका मिलेगा। इस प्रक्रिया में सभी किसानों को आवश्यक दस्तावेजों के साथ समय पर पंजीयन कराने की सलाह दी जाती है ताकि वे सरकार की इस योजना का लाभ उठा सकें।