हरदा – टिमरनी, हरदा व खिरकिया तहसील के 10 किसानों को भारतीय स्टेट बैंक, बैंक आॅफ इंडिया व आईसीआईसीआई बैंक द्वारा उपभोक्ता आयोग के आदेश के बाद किसानों की फसल बीमा राशि के 5 लाख रू. का भुगतान किया जावेगा। इन किसानों को गांव के अन्य किसानों के साथ बीमा राशि नहीं मिली थी, उपभोक्ता आयोग में प्रकरण दर्ज करने के बाद उपभोक्ता आयोग के माननीय अध्यक्ष/न्यायाधीश श्री जे.पी. सिंह व माननीय सदस्य श्रीमती अंजली जैन द्वारा दिये गये आदेश के बाद यह राशि मिलेगी।
एडवोकेट दिनेश यादव ने बताया कि उपभोक्ता आयोग ने अपने आदेश में राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग द्वारा दिये गये निर्णय का हवाला देेते हुए कहा है कि ‘‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत बीमा कम्पनी को बीमा आच्छादित करने के लिए बीमा प्रीमियम संबंधित बैंक से या बीमा माध्यम से प्राप्त करना चाहिए और किसी प्रकार की कोई लापरवाही या त्रुटि के कारण कृषक को हुए नुकसान के लिए बैंक भुगतान करने हेतु उत्तरदायी होगा। अतः उक्त न्यायदृष्टांत का अवलम्ब लेते हुए बीमा कम्पनी को बीमा क्षतिपूर्ति देने का उत्तरदायी नहीं पाया जाता है और कृषक को रबी फसल में हुई क्षति के लिए बैंक को उत्तरदायी उक्त न्यायदृष्टांत के आधार पर पाया जाता है।‘‘
उपभोक्ता आयोग के आदेश के बाद आइसीआईसीआई बैंक भुवनखेड़ी द्वारा अबगांवकलाॅ के किसान दिनेश शिवराम जाट को 268000/रू, बैंक आॅफ इंडिया करताना द्वारा रूंदलाय की लीलाबाई रामभरोस विश्वकर्मा को 16500/रू दिये जाएंेगे। इसी प्रकार भारतीय स्टेट बैंक टिमरनी द्वारा आलमपुर के किसान राममोहन मनीराम गुर्जर को 48000/रू, मनोरमा राममोहन गुर्जर को 24500/रू, सोहागपुर के जयनारायण सालिगराम को 36000/रू, कुहीग्वाड़ी के अजयसिंह प्रेमसिंह तोमर को 32500/रू, कुलहरदा के बालकृष्ण व रामकृष्ण पिता रेवाशंकर यादव को 24500/रू दिये जाऐंगे तथा भारतीय स्टेट बैंक खिरकिया द्वारा नहालीकलाॅ के लखनलाल मुकुंदराम गुर्जर को 12297/रू एवं भारतीय स्टेट बैंक हरदा द्वारा रूंदलाय के बलराम नाथूराम पटेल 4700/रू एवं बीमा कम्पनी द्वारा बिचपुरी के ललित रामनिवास जाट को 51800/रू दिये जाऐंगे। इसमंे मानसिक संत्रास व वाद व्यय की राशि भी सम्मिलित है। आदेशित समय में भुगतान नहीं करने पर बैंकों को 7 प्रतिशत ब्याज भी देना होगा।

