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बैंकिंग : बैंक ऑफ बड़ौदा ने रेपो रेट से जुड़े लोन 0.75% सस्ते किए

नई दिल्ली. बैंक ऑफ बड़ौदा ने आरबीआई के रेपो रेट से जुड़े लोन की ब्याज दरों में 0.75% कटौती की है। यह 28 मार्च से लागू हो गई है। नई दरें रिटेल ग्राहकों के साथ ही एमएसएमई ग्राहकों के लिए भी लागू होंगी। बैंक का रेपो लिंक लेंडिंग रेट (बीआरएलएलआर) अब 7.25% रह गया है। इससे रिटेल ग्राहकों और छोटे कारोबारियों के लिए कर्ज सस्ते हो जाएंगे। नए ग्राहकों को तुरंत फायदा मिलेगा। जबकि मौजूदा ग्राहकों के लिए दरों में कमी उनके लोन की रीसेट डेट से लागू होगी। बैंक ऑफ बड़ौदा हर महीने ब्याज दरें रीसेट करता है।

आरबीआई ने रेपो रेट 0.75% घटाया था
अर्थव्यवस्था को कोरोनावायरस से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए आरबीआई ने 27 मार्च को रेपो रेट में 0.75% कमी की थी। इसके बाद बैंकों ने भी ब्याज दरें घटाना शुरू कर दिया है।
अब तक किन-किन बैंकों ने रेट घटाए?
एसबीआई:
 आरबीआई के ऐलान के बाद देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने भी रेपो रेट से जुड़े कर्ज 0.75% सस्ते कर दिए। एसबीआई के नए रेट 1 अप्रैल से लागू होंगे।
बैंक ऑफ इंडिया: बैंक ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) में 0.25% कटौती की है। एक साल का एमसीएलआर अब 7.95% रह गया है।
एमसीएलआर वाले लोन की दरें घटाने पर एसबीआई अप्रैल में फैसला लेगा
एसबीआई ने कहा है कि मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड बेस्ड लेडिंग (एमसीएलआर) आधारित लोन की ब्याज दरें घटाने पर फैसला अगले महीने एसेट लायबिलिटी कमेटी की बैठक में लिया जाएगा। आरबीआई ने पिछले साल अक्टूबर में ब्याज दरों को रेपो रेट जैसे किसी बाहरी बेंचमार्क से जोड़ना अनिवार्य कर दिया था। लेकिन, एमसीएलआर की पुरानी व्यवस्था भी चल रही है। इसमें रेपो रेट घटने का पूरा फायदा नहीं मिलता, क्योंकि इस व्यवस्था में बैंकों के लिए बाध्यता नहीं कि वे रेपो रेट घटते ही तुरंत रेट कट करें और उतना ही करें जितना आरबीआई ने किया है। रेट घटाने के बाद भी फायदा मिलने में लंबा वक्त लगता है, क्योंकि एमसीएलआर वाले ज्यादातर लोन एक साल में रीसेट होते हैं।

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