jhankar
ब्रेकिंग
शराब दुकान पर मिलावट वीडियो के बाद हड़कंप, आबकारी विभाग दो दिन से कर रहा जांच 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों के आधार कार्ड बनवाएं आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम के तहत विभिन्न गतिविधियों का हुआ आयोजन अनुसूचित जाति जनजाति संगठनों के कार्यकर्ताओं ने बाबा साहेब की मूर्ति लगाने के लिए एसडीएम को सौंपा ज्... प्रवासी मजदूर के दिव्यांग बच्चे को मिली निःशुल्क ट्राईसिकल खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने जलाराम किराना से लिया सोयाबीन ऑयल का नमूना खुशियों की दास्तां : पीएमएफएमई योजना से आत्मनिर्भर बने खिरकिया के युवा उद्यमी देवेश मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत 4 अक्टूबर को मगरधा में लगेगा शिविर 2 अक्टूबर को कृषि उपज मण्डी में नीलामी कार्य बंद रहेगा आज का सुविचार - MakdaiExpress24

फिल्मी सफर को प्रेरणादायक बना दिया है आकांक्षा सिंह ने

मुंबई। अपने फिल्मी दुनिया के सफर को अभिनेत्री आकांक्षा सिंह ने बेहद खास और प्रेरणादायक बना दिया। टीवी और फिल्मों की चमकदार दुनिया में अपनी जगह बनाना हर किसी के बस की बात नहीं होती। 30 जुलाई 1990 को जयपुर, राजस्थान में जन्मीं आकांक्षा ने अभिनय में आने से पहले एक अलग ही राह चुनी थी।

उन्होंने फिजियोथेरेपी की पढ़ाई की और बतौर प्रशिक्षित फिजियोथेरेपिस्ट काम भी किया। कला का माहौल उन्हें विरासत में मिला, क्योंकि उनकी मां खुद थिएटर कलाकार थीं। इसी वजह से आकांक्षा को बचपन से मंच और अभिनय का शौक रहा, जो बाद में उनके करियर की पहचान बन गया। आकांक्षा को टीवी की दुनिया में पहचान 2012 में आई सीरियल ‘ना बोले तुम ना मैंने कुछ कहा’ से मिली। इसमें उन्होंने दो बच्चों की मां और विधवा ‘मेघा’ का किरदार निभाया, जो गंभीर और भावनात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण था। इस भूमिका ने उन्हें घर-घर में लोकप्रिय कर दिया और इंडियन टेली अवार्ड भी दिलाया।

- Install Android App -

इसके बाद वह गुलमोहर ग्रैंड, बॉक्स क्रिकेट लीग, और ऐ ज़िंदगी जैसे शोज़ में नजर आईं। 2017 में आकांक्षा ने हिंदी फिल्मों में डेब्यू किया बद्रीनाथ की दुल्हनिया से, जिसमें उनका रोल छोटा लेकिन यादगार था। इसी साल उन्होंने तेलुगु फिल्म मल्ली रावा से साउथ इंडस्ट्री में कदम रखा और लोगों के दिलों में जगह बना ली। इसके बाद नागार्जुन के साथ देवदास, सुदीप के साथ कन्नड़ फिल्म पैलवान, और शॉर्ट फिल्में मेथी के लड्डू और कैद में भी उनके अभिनय की सराहना हुई। ओटीटी पर भी आकांक्षा ने खुद को साबित किया।

2021 में वेब सीरीज परंपरा से उन्होंने डिजिटल डेब्यू किया और फिर एस्केप लाइव, रंगबाज: डर की राजनीति, और मीट क्यूट जैसी सीरीज में दमदार भूमिकाएं निभाईं। 2022 की फिल्म रनवे 34 में वे अजय देवगन की पत्नी के किरदार में दिखीं, जो उनकी दूसरी बड़ी हिंदी फिल्म थी। वह क्लैप, वीरपांडियापुरम, सिवुडु जैसी तमिल और तेलुगु फिल्मों में भी नजर आईं। साल 2024 और 2025 में आकांक्षा ‘रणनीति: बालाकोट एंड बियॉन्ड’, ‘बेंच लाइफ’, ‘षष्ठीपूर्ति’ और ‘खाकी: बंगाल चैप्टर’ जैसे प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बनीं।