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मस्क की स्टारलिंक को इंटरनेट सेवा शुरू करने की मिली मंजूरी

नई दिल्ली। एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक को भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू करने की मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही स्पेक्ट्रम अलॉटमेंट और गेटवे सेटअप का ढांचा भी तैयार कर लिया गया है ताकि सेवाओं की लॉन्चिंग में कोई दिक्कत न आए। यह जानकारी केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दी। यह घोषणा ऐसे समय की गई है जब देश में पहली बार मोबाइल कॉल किए जाने के 30 साल पूरे हो रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सिंधिया ने कहा कि स्टारलिंक को यूनिफाइड लाइसेंस मिल गया है। स्पेक्ट्रम अलॉटमेंट और गेटवे की रूपरेखा तैयार है, जिससे सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं का रोलआउट आसानी से हो सके। स्टारलिंक के साथ ही भारती ग्रुप समर्थित यूटेलसैट वनवेब और जियो एसईएस भी अपने सैटकॉम सर्विसेज शुरू करने के लिए स्पेक्ट्रम अलॉटमेंट का इंतजार कर रही है। सिंधिया ने कहा कि पिछले 11 साल में पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत की डिजिटल यात्रा ऐतिहासिक रही है। टेलीफोन कनेक्शन अब 1.2 अरब हो गए हैं, जबकि इंटरनेट सब्सक्रिप्शन करीब 286 फीसदी से बढ़कर 97 करोड़ हो गया है।

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ब्रॉडबैंड कनेक्शन 2014 के 6 करोड़ से बढ़कर 94.4 करोड़ हो गए यानी 1,450 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई। मोबाइल डेटा की कीमतें 96.6 फीसदी घटीं और अब सिर्फ 8.9 प्रति जीबी में डेटा उपलब्ध है, जिससे भारत दुनिया में सबसे सस्ता डेटा देने वाला देश बन गया है। सिंधिया ने बताया कि बीएसएनएल का रिवाइवल भी बड़ी उपलब्धि है। 18 साल में पहली बार बीएसएनएल ने लगातार दो साल मुनाफा कमाया—वित्त वर्ष 2024-25 में 262 करोड़ और 280 करोड़। 83 हजार से ज्यादा 4जी साइट्स लगाई गईं, जिनमें से 74,000 चालू हैं।

एआई-आधारित मॉनिटरिंग और फाइबर फॉल्ट 12 घंटे में ठीक करने जैसी सुविधाओं ने सेवा को और बेहतर बनाया है। भारत का 5जी रोलआउट भी रिकॉर्ड तोड़ रहा है। 99.6 फीसदी जिलों में 5जी पहुंच गया है, 4.74 लाख 5जी टावर और 30 करोड़ यूजर्स हैं। भारत दुनिया में सबसे ज्यादा प्रति व्यक्ति 5जी डेटा यूज करने वाला देश बन गया है, भारत 6जी पेटेंट फाइलिंग में भी दुनिया के टॉप 6 देशों में शामिल है।