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आयात शुल्क के दबाव में सेंसेक्स तीन महीने के निचले स्तर पर

मुंबई। अमेरिकी आयात शुल्क के दबाव में शुक्रवार को शेयर बाजारों में चौतरफा बिकवाली हुई और बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स लगभग तीन महीने के निचले स्तर पर आ गया। सेंसेक्स 585.67 अंक यानी 0.72 प्रतिशत लुढ़ककर 80,599.91 अंक पर बंद हुआ जो 09 मई के बाद का इसका न्यूनतम स्तर है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी भी 203 अंक (0.82 फीसदी) लुढ़ककर 24,565.35 अंक पर आ गया जो 03 जून के बाद का न्यूनतम बंद भाव है।

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को भारत समेत 68 देशों और यूरोपीय संघ पर नये आयात शुल्क लगाने के आदेश पर हस्ताक्षर किये। इसके बाद एशिया और यूरोप के लगभग सभी बड़े शेयर बाजारों में गिरावट रही। एशिया में जापान का निक्केई 0.66 प्रतिशत की गिरावट में बंद हुआ। हांगकांग का हैंगसेंग 1.07 प्रतिशत और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.37 प्रतिशत टूट गया। यूरोप में शुरुआती कारोबार में जर्मनी का डैक्स 1.62 प्रतिशत और ब्रिटेन का एफटीएसई 0.51 प्रतिशत नीचे थे। सेंसेक्स 111 अंक की गिरावट के साथ खुला और कुछ देर बाद हरे निशान में भी पहुँचा। लेकिन जैसे ही अमेरिका में आयात शुल्क का आदेश जारी होने की खबर आयी बाजार में भारी बिकवाली देखी गयी। इसका उच्चतम स्तर 81,317.51 अंक और निचला स्तर 80,495.57 अंक रहा। एनएसई में निफ्टी-50 का ग्राफ भी सेंसेक्स जैसा ही रहा। यह ऊपर 24,784.15 अंक तक पहुँचा और नीचे 24,535.05 अंक तक उतरा।

चौतरफा बिकवाली के बीच मझोली और छोटी कंपनियों पर दबाव ज्यादा रहा। निफ्टी मिडकैप-50 में 1.54 प्रतिशत की गिरावट रही। निफ्टी स्मॉलकैप-100 भी 1.66 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ। जियोजीत इनवेस्टमेंट्स लिमिटेड के अनुसंधान प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि नये आयात शुल्क दंडात्मक शुल्क की चिंता में बाजार पर दबाव रहा क्योंकि इससे वैश्विक स्तर पर भारत की प्रतिस्पर्धी क्षमता प्रभावित हो सकती है। इससे विदेशी संस्थागत निवेशकों का भी भरोसा कम हुआ है। वहीं, एफएमसीजी कंपनियों में लिवाली से बाजार को समर्थन मिला। एनएसई में एफएमसीजी को छोड़कर सभी सेक्टरों के सूचकांक लाल निशान में रहे। फार्मा सेक्टर का सूचकांक 3.33 प्रतिशत और स्वास्थ्य का 2.77 प्रतिशत लुढ़क गये। धातु के सूचकांक में 1.97 फीसदी और आईटी में 1.85 फीसदी की गिरावट रही। रियलिटी, सार्वजनिक बैंकों और ऑटो सेक्टरों के सूचकांक भी एक प्रतिशत से ज्यादा टूटे। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 24 के शेयरों में गिरावट रही जबकि छह कंपनियों के शेयर हरे निशान में रहे। सनफार्मा का शेयर सबसे ज्यादा 4.49 प्रतिशत टूटा। टाटा स्टील में 3.04 प्रतिशत और मारुति सुजुकी में 2.65 प्रतिशत की गिरावट रही। टाटा मोटर्स और इंफोसिस के शेयर भी 2.50 प्रतिशत से अधिक गिरे। टाटा समूह की रिटेल कंपनी ट्रेंट के शेयर 3.24 प्रतिशत चढ़े। एशियन पेंट्स में 1.40 फीसदी, हिंदुस्तान यूनिलिवर में 1.17 फीसदी और आईटीसी में 1.14 प्रतिशत की तेजी रही। इनके अलावा कोटक महिंद्रा बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर भी हरे निशान में बंद हुये।