हरदा जिला अस्पताल में पति ने लगाए गंभीर आरोप, दर्द से चीखने-चिल्लाने का दावा; CMHO बोले—“बिना बेहोश किए ऑपरेशन संभव नहीं”, जांच शुरू
बेहोशी की दवा असर नहीं कर पाई, फिर भी महिला का ऑपरेशन कर दिया!
हरदा। जिला अस्पताल हरदा में महिला के सीजेरियन ऑपरेशन को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। खेड़ीपुरा निवासी अल्फरान खान ने स्वास्थ्य विभाग में शिकायत करते हुए आरोप लगाया है कि उनकी पत्नी फिजा को बेहोशी की दवा देने के बाद उसका पूरा असर होने से पहले ही डॉक्टरों ने ऑपरेशन शुरू कर दिया।
परिजन के अनुसार, 7 सितंबर को दोपहर करीब 3 बजे फिजा का सीजेरियन ऑपरेशन होना था। आरोप है कि ऑपरेशन से पहले महिला को एनेस्थीसिया का इंजेक्शन दिया गया, लेकिन उसका पर्याप्त असर नहीं हुआ। इसके बावजूद डॉक्टरों ने ऑपरेशन शुरू कर दिया।
दर्द से चीखती रही महिला, हाथ-पैर बांधने का आरोप
पति अल्फरान खान का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान उनकी पत्नी के हाथ-पैर बांधे गए थे। महिला दर्द के कारण चीखती-चिल्लाती रही, लेकिन इसके बावजूद ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद बच्चे का जन्म हुआ, लेकिन महिला को काफी दर्द सहना पड़ा।
परिजन का यह भी आरोप है कि ऑपरेशन के बाद उन्हें इस पूरी घटना के संबंध में डॉक्टरों की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
CMHO से की शिकायत
मामले को लेकर महिला के पति ने CMHO डॉ. एच.पी. सिंह से शिकायत की है और पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत सामने आने के बाद CMHO डॉ. एच.पी. सिंह ने कहा कि “बिना बेहोश किए ऑपरेशन करना संभव नहीं है। यह असंभव है।” हालांकि उन्होंने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की जांच कराई जा रही है।
जांच के बाद सामने आएगी असली तस्वीर
अब इस मामले में स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। जांच में यह देखा जाएगा कि महिला को किस प्रकार का एनेस्थीसिया दिया गया था, उसका प्रभाव कितना हुआ और ऑपरेशन के दौरान निर्धारित चिकित्सा प्रक्रिया एवं प्रोटोकॉल का पालन किया गया या नहीं।
फिलहाल महिला के पति द्वारा लगाए गए आरोप जांच का विषय हैं। स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि ऑपरेशन के दौरान वास्तव में क्या हुआ था और किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं।

