हरदा खंडवा: प्रशासन की लापरवाही अनदेखी प्रतिदिन हो रहे हादसे, अब सर्व समाज सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों ने सरकार को लिखा पत्र।
हरदा/खिरकिया,:हरदा-आशापुर मार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर स्थानीय युवाओं द्वारा शुरू की गई मुहिम अब जनआंदोलन का रूप लेती जा रही है। सोशल मीडिया के माध्यम से शुरू की गई इस मुहिम को अब तक सैकड़ों नागरिकों द्वारा ई-मेल के जरिए समर्थन मिला है, और एक दिन में ही सैकड़ों मेल संबंधित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं मंत्रियों को भेजे गए।
इस मुहिम के पहले चरण में नर्मदापुरम, हरदा, खंडवा के कलेक्टर, मध्यप्रदेश शासन के मंत्रियों, और केंद्र सरकार के मंत्रियों को सड़क निर्माण की आवश्यकता को लेकर ईमेल किए गए।
सामाजिक संगठनों का मिला समर्थन
इस जनहित मुहिम को अब सामाजिक संगठनों का भी खुला समर्थन मिलना शुरू हो गया है। क्षेत्र के प्रमुख सामाजिक संगठनों ने इस मुहिम को न सिर्फ समर्थन दिया है, बल्कि सड़क निर्माण की माँग को अपनी प्राथमिकता बताया है। समर्थन देने वाले प्रमुख संगठनों के नाम इस प्रकार हैं:
संगठन / सामाजिक पत्रक प्राप्त लिस्ट
1. जनपद अध्यक्ष खिड़कियां
2. नगर विकास समिति खिड़कियां
3. महाराणा सेना मध्य प्रदेश
4. राजपूत समाज समिति खिड़कियां
5. श्री भुवाणा प्रांतीय गुर्जर युवा सभा नया खेड़ा
6. समता महिला मंडल खिड़कियां
7. श्री दाना बाबा नव दुर्गा उत्सव समिति
8. नौजवान मुस्लिम कमेटी खिड़कियां
9. मीणा समाज सेवा संगठन मध्य प्रदेश
10. सर्व ब्राह्मण समाज ब्लॉक खिड़कियां
11. उपाध्यक्ष जनपद खिड़कियां
12. कहार महासंघ राष्ट्रीय संगठन
13. दिगंबर जैन समाज खिड़कियां
14. श्री माहेश्वरी समाज
15. खिड़कियां नवनिर्माण समिति
16. सर्व सेन समाज ब्लॉक खिड़कियां
17. नागवंशी फूल माला समाज छीपाबढ़
18. श्री गुरु सिंध समाज सभा
19. नगर परिषद खिड़कियां
20. अग्रवाल समाज खिड़कियां
21. श्वेतांबर जैन समाज खिड़कियां
22. दिगंबर जैन समाज खिड़कियां
23. भीम आर्मी भारत एकता मिशन
24. अखिल भारतीय साधुमार्गी जैन संघ
25. माली समाज छीपाबड़ खिरकिया
26. अखिल भारतीय युवा विश्नोई संगठन जिला हरदा
27. मध्य क्षेत्र विश्नोई सभा
28. श्री नर्मदा क्षेत्रीय जाट समाज युवा कार्यकारणी हरदा
29. जाट समाज खिड़कियां
30. श्री परशुराम सेना मध्य प्रदेश
यह जनसमर्थन दर्शाता है कि सड़क निर्माण केवल यातायात का विषय नहीं, बल्कि क्षेत्रीय विकास, सुरक्षा और सुविधा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।
मुहिम के संयोजकों ने बताया कि यदि जल्द सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन का अगला चरण और व्यापक स्तर पर शुरू किया जाएगा।

