jhankar
ब्रेकिंग
हंडिया बस स्टैंड पर अतिक्रमण का नया मामला: दुकान के सामने टप, जमघट और गांजा पीने के आरोप! हरदा में पंचायत उप-निर्वाचन 2026 के लिए खिरकिया विकासखण्ड के 4 मतदान केंद्रों के भवनों में किया बदला... हरदा में IFMIS की तकनीकी समस्याओं के निराकरण के लिए हर गुरुवार लगेगा हेल्पडेस्क शिविर आज का सुविचार जीवन में सबसे बड़ी जीत किसी और को हराना नहीं, बल्कि खुद की कमजोरियों पर जीत पाना है। आज 18 सितंबर 2026 - मध्य प्रदेश का मौसम अपडेट दिल्ली में 17 साल की नाबालिग की हत्या, दुष्कर्म का मामला दर्ज; पुलिस ने 4 आरोपियों को पकड़ा सनकी प्रेमी ने प्रेमिका के घर फेंका पेट्रोल बम, शादी तय होने से था नाराज हरदा जिले की खास खबरे विश्वकर्मा पूजन दिवस पर गूंजे जयकारे, हरदा में निकली भव्य शोभायात्रा भोपाल में पुलिसकर्मियों पर हमला, नशे में धुत्त तीन बदमाशों ने बीच सड़क की मारपीट

दिल्ली में आतंकी फंडिंग नेटवर्क का भंडाफोड़

जम्मू। जम्मू-कश्मीर पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK) इकाई ने दिल्ली के लाजपत नगर में एक बड़े आतंकी फंडिंग नेटवर्क (Terror Funding Network) का पर्दाफाश किया है। इस हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन में दिल्ली पुलिस के सहयोग से दो कश्मीरी नागरिकों, मोहम्मद अयूब भट और मोहम्मद रफीक शाह को गिरफ्तार किया गया है। दोनों प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के लिए वित्तीय सहायता जुटाने में शामिल थे।

- Install Android App -

लश्कर-ए-तैयबा के लिए फंडिंग
जम्मू-कश्मीर पुलिस के प्रवक्ता के अनुसार, लाजपत नगर स्थित शालीमार टेक्सटाइल्स में छापेमारी के दौरान डिजिटल डिवाइसेज, संदिग्ध चैट्स, विदेशी फंड ट्रांसफर और हवाला चैनलों के सबूत मिले हैं। ये साक्ष्य पाकिस्तानी हैंडलर्स के साथ बातचीत और आतंकी गतिविधियों के लिए फंडिंग के नेटवर्क को उजागर करते हैं। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि यह नेटवर्क खाड़ी देशों में सक्रिय विदेशी नागरिकों और कश्मीर में ओवर ग्राउंड वर्कर्स (OGWs) के साथ मिलकर जम्मू-कश्मीर में अशांति और हिंसा को बढ़ावा देने की साजिश रच रहा था।

जांच में जुटी एजेंसियां
मोहम्मद अयूब भट, जो बडगाम का रहने वाला है और लाजपत नगर में एक कारोबारी यूनिट संचालित करता था, इस फंडिंग नेटवर्क का प्रमुख मोहरा था। उसके साथी मोहम्मद रफीक शाह, श्रीनगर के बेमिना का निवासी, भी इस साजिश में शामिल था। दोनों से पूछताछ जारी है, और जांच एजेंसियां इन डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कर रही हैं ताकि नेटवर्क के पूरे दायरे का खुलासा हो सके।