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जुलाई में किराना दुकानों और सुपरमार्केट में 3 अरब यूपीआई लेनदेन

नई दिल्ली। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2025 में किराना दुकानों और सुपरमार्केट में यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) के माध्यम से तीन अरब से अधिक लेनदेन किए गए, जिनकी कुल राशि 64,881.98 करोड़ रही। यह पहली बार है जब एनपीसीआई ने इतनी विस्तृत श्रेणीवार जानकारी साझा की है। एक समीक्षा से पता चलता है कि लेनदेन की मात्रा के आधार पर किराना और सुपरमार्केट की श्रेणी ने जुलाई में कुल पीयर-टु-मर्चेंट यूपीआई लेनदेन का लगभग एक चौथाई हिस्सा दर्ज किया। वहीं ऋण वसूली एजेंसियां मूल्य के आधार पर शीर्ष पर रहीं, जिन्होंने 16.13 करोड़ लेनदेन के जरिये 93,857 करोड़ की वसूली की। यह दर्शाता है कि यूपीआई अब केवल खरीदारी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि वित्तीय सेवाओं में भी इसका उपयोग बढ़ रहा है। जुलाई में यूपीआई के जरिए कुल 19.46 अरब लेनदेन हुए, जिनकी कुल राशि 25.08 लाख करोड़ रही। इनमें से 63.63 फीसदी लेनदेन व्यापारियों को किए गए, जबकि शेष व्यक्ति-से-व्यक्तिलेनदेन थे। व्यापारी लेनदेन की संख्या 12.38 अरब रही, जिनका मूल्य 7.34 लाख करोड़ रहा। यूपीआई से भुगतान की प्रमुख श्रेणियों में राशन, दवा, ईंधन, रेस्तरां, बिजली और अन्य जरूरी सेवाएं शामिल हैं। हर 10 में से 7 लेनदेन इन्हीं श्रेणियों में किए जाते हैं। एनपीसीआई समय-समय पर ऐसे आंकड़े जारी करता है ताकि बैंक, फिनटेक और अन्य वित्तीय संस्थाएं डिजिटल भुगतान के बदलते रुझानों को समझ सकें और अपनी रणनीतियां तय कर सकें।