नई दिल्ली. देश में कोरानावायरस संक्रमण के आज 121 नए मामले सामने आए हैं। इनमें सबसे ज्यादा 47 मरीज महाराष्ट्र में मिले हैं। इसके बाद राजस्थान में 19, आंध्रप्रदेश में 16, हरियाणा में 18 18, गुजरात में 10, मध्यप्रदेश-पंजाब में 4-4, जम्मू-कश्मीर में 3, असम 2 और गोवा-छत्तीसगढ़ में 1-1 मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। अब देश में कुल संक्रमितों की संख्या 3 हजार 229 हो गई है। देश में एक हफ्ते में ही इस बीमारी के 1 हजार 973 मरीज बढ़े हैं। 29 मार्च को कोरोना संक्रमितों की संख्या 1 हजार 139 थी। इससे पहले शुक्रवार को एक दिन में सबसे ज्यादा 563 मामले सामने आए। अभी तक इस संक्रमण के 229 मरीज ठीक हुए हैं, जबकि 94 की मौत हुई है। ये आंकड़े covid19india.org वेबसाइट के मुताबिक हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 2 हजार 902 है। इनमें से 2 हजार 650 का इलाज चल रहा है। 183 ठीक हुए हैं और 68 की मौत हो चुकी है।
ऊर्जा मंत्रालय ने कहा- लाइट बुझाने से ग्रिड फेल होने का तर्क गलत है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 अप्रैल को रात 9 बजे देश के लोगों से एकजुटता दिखाने के लिए 9 मिनट घरों की लाइट बंद करने की अपील की है। इस दौरान एक साथ लाइट बंद करने से ग्रिड फेल होने की बात कही जा रही है। ऊर्जा मंत्रालय ने इस दावे को खारिज किया है। मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि सिर्फ घरों की लाइट बंद करने को कहा गया है। स्ट्रीट लाइट, जरूरी सेवाओं और अस्पताल में बिजली चालू रहेगी। इससे पहले महाराष्ट्र के ऊर्जा मंत्री नितिन राउत ने कहा था कि एक साथ लाइट बंद करने से पॉवर ग्रिड फेल होने का खतरा है। ऐसा हुआ तो इसे ठीक करने में एक हफ्ते लग सकते हैं।
अपदा के बीच राहत की 4 खबर
- आईआईटी रुड़की ने कोरानावायरस संक्रमितों के इलाज में लगे डॉक्टरों की हिफाजत के लिए बेहद कम कीमत में फेस शील्ड तैयार की है। इसे वायरस से बचाव के लिए चेहरे पर लगाया जाएगा। एक शील्ड की लागत सिर्फ 5 रुपए है। इन्हें 3डी प्रिंटिंग तकनीक से तैयार किया गया है।
- आईआईटी हैदराबाद, से जुड़े स्टार्टअप एयरोबायोसिस इनोवेशन्स ने एक कम लागत वाला, पोर्टेबल इंमरजेंसी वेंटिलेटर बनाया है। इसे ‘जीवन लाइट’ नाम दिया गया है। इसकी लागत 1 लाख रुपए है। यह कोरोनावायरस के मरीजों के इलाज में मददगार हो सकता है।
- गुजरात के उद्योगपतियों को 10 दिन में वेंटिलेटर बनाने में सफलता मिली है। इन्हें सर्टिफिकेट भी मिल गया है। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने उम्मीद जताई है कि अब राज्य में वेंटिलेटर की कमी नहीं होगी।
- महाराष्ट्र में पुणे के वैज्ञानिक डॉ मिलिंद कुलकर्णी ने पॉलीप्रोपेलीन मटेरियल से एक स्टिक तैयार की है। यह कोरोनावायरस के मरीजों के स्वाब का सैम्पल लेने में मददगार हो सकती है। बेंगलुरु में इसका क्लीनिकल ट्रायल किया जा रहा है

