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ट्रैविस हेड की तूफानी सेंचुरी से इंग्लैंड ध्वस्त, दो दिन में ऑस्ट्रेलिया ने जीता पहला एशेज टेस्ट

नई दिल्ली। पर्थ में खेले गए पहले एशेज टेस्ट का नतीजा चौंकाने वाला रहा, क्योंकि मुकाबला महज़ दो दिन में ही खत्म हो गया। मेजबान ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को आठ विकेट से हराकर श्रृंखला में शानदार बढ़त बना ली। इस तेज़ जीत के हीरो रहे सलामी बल्लेबाज़ ट्रैविस हेड, जिन्होंने इंग्लैंड के गेंदबाज़ों की जमकर धुनाई करते हुए तहलका मचा दिया। 205 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। टीम ने सिर्फ 28.2 ओवर में दो विकेट खोकर लक्ष्य पूरा कर लिया। ट्रैविस हेड ने 83 गेंदों में विस्फोटक 123 रन ठोककर इंग्लैंड की गेंदबाज़ी लाइन-अप को उधेड़कर रख दिया। उनकी पारी में 16 चौके और 4 गगनचुंबी छक्के शामिल रहे। हेड ने महज़ 69 गेंदों में अपना शतक पूरा किया, जो उनकी आक्रामक मानसिकता और अद्भुत टाइमिंग का प्रमाण है।

दूसरे छोर पर मार्नस लाबुशेन ने भी संयमित लेकिन महत्वपूर्ण पारी खेलते हुए नाबाद 51 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर इंग्लैंड के गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया और मुकाबले को एकतरफा बना दिया। इंग्लैंड की ओर से गेंदबाज़ी फीकी रही और वे न तो गति से, न ही स्विंग से ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ों को रोक पाए। पहले दिन ही इंग्लैंड की बल्लेबाज़ी लड़खड़ा गई थी, जिसका दबाव दूसरा दिन उनकी गेंदबाज़ी पर भी साफ दिखाई दिया। ऑस्ट्रेलिया की इस धमाकेदार जीत ने एशेज सीरीज़ में रोमांच बढ़ा दिया है और टीम का आत्मविश्वास भी चरम पर पहुंच गया है। दूसरी ओर, इंग्लैंड को अब अगले टेस्ट से पहले अपनी रणनीति और टीम कॉम्बिनेशन पर फिर से विचार करना होगा।

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इससे पहले इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया, लेकिन कप्तान बेन स्टोक्स का यह निर्णय पहले दिन कमजोर साबित हुआ जब पूरी टीम 172 रन बनाकर आउट हो गई। हालांकि, जवाब में ऑस्ट्रेलिया की टीम भी पहली पारी में संघर्ष करती नजर आई और सिर्फ 132 रनों पर सिमट गई। इंग्लैंड को पहली पारी के आधार पर 40 रनों की बढ़त मिली, जो मैच की परिस्थिति को देखते हुए महत्वपूर्ण साबित हुई। इस पिच पर हर रन का महत्व है, क्योंकि बल्लेबाजों के लिए यहां टिकना चुनौती बन गया है।

दूसरी पारी में इंग्लैंड का प्रदर्शन पहले से बेहतर होने की उम्मीद थी, लेकिन एक बार फिर उनकी बल्लेबाजी विफल साबित हुई। पूरी टीम 164 रन ही जोड़ पाई। इस मैच की तीनों पारियों में अब तक सिर्फ एक ही बल्लेबाज अर्धशतक तक पहुंच पाया है हैरी ब्रूक, जिन्होंने पहली पारी में 52 रन बनाए थे। दूसरी पारी में इंग्लैंड के लिए गस एटकिंसन ने 37 रनों की उपयोगी पारी खेली और ब्रायडन कार्स के साथ मिलकर 50 रनों की साझेदारी कर टीम को 200 से ऊपर की बढ़त दिलाने में मदद की। यही रन अब ऑस्ट्रेलिया के लिए बड़ी चुनौती बन सकते हैं। ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाजी की बात करें तो टीम के प्रमुख तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड और पैट कमिंस इस मैच में नहीं खेले, लेकिन उनके बिना भी ऑस्ट्रेलियाई आक्रमण ने शानदार प्रदर्शन किया और इंग्लैंड को दोनों पारियों में 200 के भीतर रोक दिया। इससे पता चलता है कि पर्थ की पिच कितनी कठिन है और बल्लेबाजों के लिए यहां रन बनाना कितना मुश्किल।