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बजट में आम जनता को राहत: कैंसर की 17 दवाएं हुईं सस्ती, बैटरी और विमान ईंधन पर भी कस्टम ड्यूटी घटी

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश कर भारतीय राजनीति और अर्थव्यवस्था के इतिहास में एक नया अध्याय लिख दिया। अपने बजट भाषण की शुरुआत में उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की नीतियों का मुख्य केंद्र आत्मनिर्भरता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस विजन से न केवल देश की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है, बल्कि आम नागरिकों के जीवन स्तर में भी सकारात्मक सुधार आया है।

वित्त मंत्री ने गर्व के साथ उल्लेख किया कि सरकार द्वारा किए गए निरंतर संरचनात्मक सुधारों का ही परिणाम है कि भारत आज वैश्विक चुनौतियों के बावजूद लगभग 7 प्रतिशत की उच्च विकास दर बनाए रखने में सफल रहा है। उन्होंने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि आत्मनिर्भरता को मार्गदर्शक मानते हुए घरेलू विनिर्माण और ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ किया गया है। इन ठोस कदमों के कारण अब महत्वपूर्ण आयात पर भारत की निर्भरता में भारी कमी आई है, जो भविष्य के सशक्त भारत की नींव है।

राजकोषीय घाटा 4.3 प्रतिशत रखा
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटा 4.3 प्रतिशत रखने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा और इसके फॉर्म्स जल्द ही जारी किए जाएंगे ताकि टैक्सपेयर्स नए नियमों से आसानी से परिचित हो सकें। छोटे टैक्सपेयर्स के लिए एक नई स्कीम पेश की जाएगी, जिसमें नियम-आधारित ऑटोमेटेड प्रक्रिया के जरिए लोअर या निल डिडक्शन सर्टिफिकेट आसानी से मिल सकेगा। मानव संसाधन सेवाओं की आपूर्ति अब TDS के दायरे में आएगी और LRS के तहत शिक्षा और चिकित्सा उद्देश्यों के लिए TCS दर 2 प्रतिशत कर दी जाएगी।

‘करीब 2.5 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए’
बजट 2026 में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि करीब 2.5 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर आ चुके हैं। उन्होंने बताया कि राजकोषीय घाटा 2026-27 में 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि चालू वित्त वर्ष में यह 4.4 प्रतिशत है। सरकार ने कर्ज-जीडीपी अनुपात 2026-27 में 55.6 प्रतिशत रहने का प्रस्ताव रखा है, जो चालू वित्त वर्ष 56.1 प्रतिशत है।

वित्त मंत्री ने बजट में कार्बन अवशोषण और उपयोग योजना के लिए 20,000 करोड़ रुपये की घोषणा की है और पशु चिकित्सा महाविद्यालय, अस्पताल और डायग्नोस्टिक लैब के लिए ऋण-संबंधित पूंजी सब्सिडी सहायता योजना का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने क्लाउड सर्विसेज़ को 2047 तक टैक्स फ्री करने की व्यवस्था का ऐलान किया।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में बजट 2026 पेश करते हुए आयकर (Income Tax) ढांचे में कई महत्वपूर्ण बदलावों की घोषणा की। सरकार ने एक ओर जहां टैक्स चोरी रोकने के लिए सख्त कदम उठाए हैं, वहीं छोटे करदाताओं और विदेश यात्रा करने वालों को बड़ी राहत भी दी है।

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1. गलत जानकारी देने पर भारी जुर्माना- वित्त मंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि टैक्स नियमों का उल्लंघन अब महंगा पड़ेगा। उन्होंने घोषणा की कि यदि कोई करदाता अपनी आय की गलत जानकारी (Misreporting) देता है, तो उस पर टैक्स राशि का 100% जुर्माना लगाया जाएगा। यह कदम कर अनुपालन (Tax Compliance) को और अधिक पारदर्शी और सख्त बनाने के लिए उठाया गया है।

2. विदेश यात्रा हुई सस्ती: TCS दर में भारी कटौती- पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने और मध्यम वर्ग को राहत देने के लिए सरकार ने विदेशी टूर पैकेज पर लगने वाले TCS (Tax Collected at Source) को घटाकर 2% कर दिया है। इससे पहले यह दर 5% से 20% के बीच थी। अब विदेश घूमना आम जनता के लिए काफी किफायती हो जाएगा।

3. ITR रिवाइज करने के लिए मिला अतिरिक्त समय- करदाताओं के लिए एक बड़ी राहत यह है कि अब वे 31 मार्च तक अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) रिवाइज कर सकेंगे। हालांकि, इसके लिए एक छोटा शुल्क देना होगा।

ITR-1 और ITR-2 दाखिल करने की मूल समय सीमा 31 जुलाई ही बनी रहेगी।
त्रुटियों को सुधारने के लिए अब करदाताओं के पास अधिक समय होगा।
4. विदेश में संपत्ति रखने वालों के लिए ‘डिस्क्लोजर स्कीम’- छोटे करदाताओं के लिए सरकार ने छह महीने की ‘विदेशी संपत्ति प्रकटीकरण योजना’ (Foreign Asset Disclosure Scheme) शुरू की है। इसके तहत जिन लोगों के पास विदेश में संपत्तियां हैं, वे एक सीमित समय सीमा के भीतर उनका विवरण सरकार को दे सकते हैं। इसका उद्देश्य छोटे करदाताओं को कानूनी पचड़ों से बचाना और उन्हें अपनी संपत्ति घोषित करने का एक मौका देना है।

प्रॉपर्टी की बिक्री पर TDS: अब अनिवासियों (Non-residents) द्वारा अचल संपत्तियों की बिक्री पर भी स्रोत पर कर कटौती (TDS) की जाएगी।
नियमों का सरलीकरण: वित्त मंत्री ने कहा कि आयकर नियमों को और सरल बनाया जा रहा है, जिसकी अधिसूचना जल्द ही जारी की जाएगी।
टैक्स में राहत, पर्यटन और कृषि के लिए बड़े ऐलान
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि विदेश यात्रा कार्यक्रम पैकेज की बिक्री पर TCS दर अब 2% होगी, जो पहले 5% और 20% थी। इसके लिए किसी राशि की शर्त नहीं होगी। उन्होंने यह भी बताया कि मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल से किसी व्यक्ति को मिले ब्याज पर अब आयकर नहीं लगेगा और इस पर TDS भी नहीं काटा जाएगा। पर्यटन और पर्यावरण क्षेत्र में भी सरकार ने नई पहल की घोषणा की। सीतारमण ने कहा कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में पारिस्थितिक रूप से टिकाऊ पर्वतीय ट्रेल विकसित की जाएगी, साथ ही अराकू वैली और पश्चिमी घाट में भी ऐसी ट्रेल्स तैयार की जाएंगी। ओडिशा, कर्नाटक और केरल में प्रमुख कछुआ घोंसले वाले क्षेत्रों के पास कछुआ ट्रेल्स का विकास किया जाएगा, ताकि जैव विविधता का संरक्षण हो और पर्यटन को बढ़ावा मिले. कृषि क्षेत्र में बड़ा बदलाव ‘भारत विस्तार’ के तहत आया है। यह एक बहुभाषी AI टूल है जो एग्री-स्टैक पोर्टल और ICAR के कृषि प्रथाओं के पैकेज को AI सिस्टम से जोड़कर किसानों और कृषि व्यवसायियों को स्मार्ट और आसान एक्सेस देगा।

किसानों को AI टूल और गर्ल हॉस्टल… बजट में एक साथ कई बड़े ऐलान
बजट में किसानों के लिए भारत विस्तार AI एग्री टूल का ऐलान किया गया। इसके अलावा, हर जिले में एक गर्ल हॉस्टल बनाया जाएगा। केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। भारत को मेडिकल टूरिज्म हब के रूप में बढ़ावा देने के लिए राज्यों की मदद से देश में 5 क्षेत्रीय मेडिकल टूरिज्म हब स्थापित करने की योजना लाई जाएगी। सेवा क्षेत्र को विकसित भारत का प्रमुख इंजन बनाने के लिए ‘एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट एंड एंटरप्राइज’ पर एक उच्चाधिकार प्राप्त स्थायी समिति गठित करने का प्रस्ताव है, जिसका लक्ष्य 2047 तक सेवाओं में भारत की 10 प्रतिशत वैश्विक हिस्सेदारी सुनिश्चित करना है। यह समिति विकास, रोजगार और निर्यात की संभावनाओं को प्राथमिकता देगी और AI समेत उभरती तकनीकों के रोजगार व कौशल पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन कर सिफारिशें देगी। निवेश को बढ़ावा देने के लिए विदेश में निवास करने वाले भारतीय नागरिकों (PROI) को पोर्टफोलियो निवेश योजना के तहत सूचीबद्ध भारतीय कंपनियों के इक्विटी इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश की अनुमति दी जाएगी और उनकी निवेश सीमा 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। विकसित भारत के लिए बैंकिंग सेक्टर को नई विकास यात्रा के अनुरूप ढालने के उद्देश्य से बैंकिंग पर एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का ऐलान किया गया है, जो वित्तीय स्थिरता, समावेशन और उपभोक्ता संरक्षण को ध्यान में रखते हुए व्यापक समीक्षा करेगी। पर्यावरण के अनुकूल यात्री परिवहन को बढ़ावा देने के लिए 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर- मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी विकसित किए जाएंगे. इसके साथ ही 2026-27 में सार्वजनिक पूंजीगत खर्च बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है।