युवाओ मे आये सनातन संस्कार, माता पिता को मिले मान सम्मान
मकड़ाई एक्सप्रेस 24 बैतूल । जिले के युवाओं और विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति के उच्च आदर्शों से जोड़ने तथा माता-पिता व गुरुजनों के प्रति सम्मान की भावना जाग्रत करने के उद्देश्य से इस वर्ष भी 14 फरवरी को ‘मातृ-पितृ पूजन दिवस’ का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में योग वेदांत सेवा समिति बैतूल के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी से सौजन्य भेंट की और जिले के समस्त शासकीय विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में इस कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति हेतु आवेदन सौंपा।
पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव को रोकने की पहल
समिति के संरक्षक राजेश मदान ने इस अभियान की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्तमान में युवा पीढ़ी पाश्चात्य कुसंस्कृति के प्रभाव में आकर अपनी जड़ों से दूर हो रही है। कई मामलों में माता-पिता का अनादर और उन्हें वृद्धाश्रम भेजने जैसी दुखद स्थितियाँ सामने आ रही हैं। इन्हीं विसंगतियों को दूर करने के लिए संत श्री आसारामजी बापू द्वारा वर्ष 2007 से इस पावन अभियान की शुरुआत की गई थी, जो अब एक विश्वव्यापी आंदोलन का रूप ले चुका है।
भारत भारती आवासीय विद्यालय में होगा मुख्य आयोजन
समिति द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 14 फरवरी को जिले का मुख्य कार्यक्रम भारत भारती आवासीय विद्यालय में प्रातः 10:00 बजे से आयोजित होगा। इस कार्यक्रम में विद्यार्थी अपने माता-पिता का पूजन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। समिति का विश्वास है कि शिक्षण संस्थानों में ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों और अभिभावकों के बीच भावनात्मक संबंध मजबूत होंगे और समाज में संयुक्त परिवार प्रणाली को पुनः प्रोत्साहन मिलेगा।
सामाजिक संस्थाओं और युवाओं से अपील
योग वेदांत सेवा समिति ने जिले की अन्य सामाजिक संस्थाओं और जागरूक युवाओं से भी आह्वान किया है कि वे 14 फरवरी को अपने-अपने स्तर पर घरों और सार्वजनिक स्थलों पर ‘मातृ-पितृ पूजन दिवस’ मनाएं। समिति के अनुसार, संयुक्त परिवार की संरचना युवाओं को मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद जैसी आधुनिक चुनौतियों से लड़ने में संबल प्रदान करती है।

