सायबर शातिर अपराधी से रहे सावधान
मकड़ाई एक्सप्रेस 24 नर्मदापुरम। आज के तकनीकि युग मे मोबाईल हर एक की आवश्यकता मगर सही सावधानी से उपयोग न होने से फ्राड होने की संभावना बड़ जाती है। इसका ताजा उदाहरण नर्मदापुरम में देखने को मिला है। यहां एक 67 साल के बुजुर्ग साइबर ठगों का शिकार हो गए, मोबाइल फोन ऐप डाउनलोड करने के नाम पर उनकी कीमत 4,47,268 रुपये पार कर गई।
बिना संदेश के हुआ लेन देन
पीड़ितों के अनुसार, गुलामी की प्रक्रिया 18 फरवरी से शुरू हुई थी। प्रोफेशनल्स वाली बात यह है कि 18 और 19 फरवरी को जब उनकी पहली दो बार राशि निकली, तो मोबाइल पर कोई संदेश नहीं आया। 20 फरवरी को जब चार बार पैसे कटने का मैसेज आया तो बुजुर्ग बुजुर्ग को शक हो गया। बैंक कैशलेस पर इस बड़े फ्रॉड का खुलासा हुआ, जिसके बाद पुलिस ने बैंक में खाता दर्ज करने का मामला दर्ज किया।
कैसे मिले ठगों ने जाल ?
जानकारी के अनुसार, पीड़ित अपने मोबाइल में मोबाइल ऐप (YONO) की तलाश करना चाहते थे। प्ले स्टोर पर तकनीकी समस्या आने के बाद एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया जिसने खुद को बैंक कर्मचारी को बताया। ठग ने एक लिंक सेंड की और खुद को बैंक अधिकारी बताया। लिंक पर क्लिक करें ही एक एपके (एपीके) फाइल डाउनलोड हो गई। इस फाइल के जरिए ठगों ने बुजुर्ग के फोन का पूरा कंट्रोल (एक्सेस) हासिल कर लिया और बिना सब्सिडी के 6 बार साढ़े चार लाख रुपये निकाल लिए।
साइबर सेल की महत्वपूर्ण चेतावनी
साइबर सेल के प्रभारी संदीप यदुवंशी ने नागरिकों को आगाह करते हुए बताया कि फिर से इन वेबसाइट का उपयोग कर रहे हैं:
आरक्षण के सामान्य तरीके सुरक्षा के उपाय
अपने मोबाईल पर आए किसी भी अज्ञात लिंक फ़ाइल को न खोलें।किसी बैंक के एप की आवश्यकता होने पर
बैंक अधिकारी को कॉल कर ऐप की जानकारी ले सकते है। बैंक कभी भी फोन पर ऐप लाइसेंस करना या पासवर्ड नहीं मांगता।
फ़ोन के माध्यम से फ़र्ज़ी एपीके (एपीके) फ़ाइल डाउनलोड करना। केवल आधिकारिक प्ले स्टोर या ऐप स्टोर का ही उपयोग करें।
यदि आपके आप पास भी ऐसा कोई मामला है, तो तुरंत नेशनल साइबर नंबर 1930 पर कॉल करें या पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराए ।

